हैदराबाद। तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) से विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संघों के प्रतिनिधियों ने उनके निवास स्थान पर मुलाकात की। इस अवसर पर टीजीडीओ, टीएनजीडीओ, रेवेन्यू, शिक्षक और पेंशनर संघों के नेताओं तथा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। कर्मचारी संघों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रमुख योजनाएँ – जोखिम बीमा और स्वास्थ्य कार्यक्रम उनके लंबे समय से प्रतीक्षित सपनों को साकार कर रही हैं। संघों ने इन योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये योजनाएँ इतिहास (History) में दर्ज हो जाएँगी।

कर्मचारियों ने विशेष खुशी व्यक्त की
मुख्यमंत्री द्वारा 652 मान्यता प्राप्त सरकारी और निजी अस्पतालों में 1,998 बीमारियों के लिए नकद रहित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा पर कर्मचारियों ने विशेष खुशी व्यक्त की। मुख्यमंत्री से मिलकर तेलंगाना कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर संयुक्त कार्यकारी समिति (जेएसी) के नेता मारा जगदीश्वर, ए.लूरी श्रीनिवास राव, वी. लच्छिरेड्डी, के. रामकृष्ण और अन्य ने योजना की सफलता और कर्मचारियों के हितों के लिए मुख्यमंत्री के योगदान की सराहना की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि ये योजनाएँ कर्मचारियों और पेंशनधारकों के जीवन में स्थायी बदलाव लाएँगी और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेंगी।
कर्मचारी का वेतन कितना होना चाहिए?
वेतन कार्य के प्रकार, अनुभव, योग्यता, स्थान और कंपनी की नीतियों पर निर्भर करता है। भारत में न्यूनतम वेतन सरकार द्वारा अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के अनुसार तय किया जाता है। कुशल कर्मचारी का वेतन अकुशल कर्मचारी से अधिक होता है। निजी क्षेत्र में वेतन बाजार मांग और कौशल के आधार पर तय होता है, जबकि सरकारी नौकरियों में वेतनमान निर्धारित वेतन आयोग के अनुसार होता है।
कर्मचारी को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
कर्मचारी को अंग्रेजी में Employee कहा जाता है। इसके अलावा कार्य के अनुसार Worker, Staff Member, Personnel या Officer जैसे शब्द भी उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर जो व्यक्ति किसी संस्था, कंपनी या संगठन में वेतन लेकर काम करता है, उसे Employee कहा जाता है।
यदि कोई अधिकारी परेशान करे तो क्या करें?
यदि कोई अधिकारी अनुचित व्यवहार करता है, तो पहले शांत रहकर लिखित शिकायत अपने उच्च अधिकारी या विभागाध्यक्ष को दें। कार्यस्थल पर शिकायत निवारण समिति (Grievance Cell) या आंतरिक शिकायत समिति में भी शिकायत की जा सकती है। गंभीर मामलों में श्रम विभाग या कानूनी सलाह लेना उचित रहता है। सभी बातचीत और प्रमाण सुरक्षित रखना मददगार होता है।
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