हैदराबाद । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव (Krishna Rao) ने कहा कि राज्य सरकार नलगोंडा जिले में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए कई पहलें कर रही है। विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने एमएलसी केथावथ शंकर द्वारा नलगोंडा (Nalgonda) जिले के विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के विकास से संबंधित प्रश्नों का उत्तर दिया।
कृष्णा और मूसी नदियों के संगम पर स्थित वडापल्ली प्रमुख तीर्थस्थल
मंत्री जूपल्ली ने कृष्णा और मूसी नदियों के संगम पर स्थित वडापल्ली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक प्रमुख तीर्थस्थल है। उन्होंने बताया कि श्री वीरनारायण स्वामी मंदिर में कार्तिक मास और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस स्थल की आध्यात्मिक और पर्यटन क्षमता का उपयोग करने के लिए व्यवहार्यता सर्वेक्षण कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की पहचान की जाएगी।
बुद्धवनम बौद्ध विरासत की एक प्रमुख परियोजना : मंत्री
उन्होंने नागार्जुन सागर के निकट स्थित बुद्धवनम को राज्य की बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन की एक प्रमुख परियोजना बताया। कृष्णा नदी के किनारे 274 एकड़ में फैला यह स्थल आचार्य नागार्जुन और ऐतिहासिक नागार्जुनकोंडा की विरासत को समर्पित है। केंद्र सरकार की ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत यहां अत्याधुनिक डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर के लिए 24.84 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं और निर्माण कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बौद्ध मठों, ध्यान केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने नलगोंडा को विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत की शासन व्यवस्था में सबसे बड़ा मंत्री प्रधानमंत्री (Prime Minister) होता है।
प्रधानमंत्री देश की सरकार का प्रमुख होता है, मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है और राष्ट्रीय नीतियों व निर्णयों में अंतिम भूमिका निभाता है। सभी केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करते हैं।
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