हैदराबाद। प्रसिद्ध कवि, लेखक और तेलंगाना आंदोलनकारी नंदिनी सिधा रेड्डी (Nandini Sidha Reddy) को उनके कविता संग्रह ‘अनिमेषा’ के लिए संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार (गद्य कविता श्रेणी) से सम्मानित किया गया है। सिद्दपेट जिले के कोंडापाका मंडल के बंडाराम गांव के रहने वाले सिधा रेड्डी तेलंगाना साहित्य अकादमी के पहले अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपने साहित्यिक कार्यों के माध्यम से तेलंगाना की सांस्कृतिक और साहित्यिक समृद्धि को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ‘मंजीरा लेखक संघ’ की स्थापना की थी, जो तेलंगाना के साहित्य को बढ़ावा देने में सहायक रहा है। इससे पहले उन्हें उनके कार्य ‘नागेटी सालालो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत के नंदी पुरस्कार (Nandi Awards) से भी नवाजा जा चुका है।
‘अनिमेषा’ के लिए यह पुरस्कार पूरी तरह से योग्य
पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने सिधा रेड्डी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि ‘अनिमेषा’ के लिए यह पुरस्कार पूरी तरह से योग्य है। यह कविता संग्रह कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक संकट, सामाजिक उथल-पुथल और मानवीय संबंधों के तनाव को मार्मिक ढंग से दर्शाता है। केसीआर ने उन्हें ‘मिट्टी की खुशबू’ समझने वाला कवि बताया, जिन्होंने अपनी लेखनी से तेलंगाना की संस्कृति और जीवन शैली को अमर कर दिया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कविता ने भी उन्हें बधाई दी। केटीआर ने उन्हें ‘जनता का कवि’ बताते हुए कहा कि अलग राज्य के आंदोलन के दौरान उनके गीतों ने लोगों को प्रेरित और लामबंद करने में प्रभावशाली भूमिका निभाई थी।
57वां ज्ञानपीठ पुरस्कार किसे दिया गया है?
भारतीय साहित्य के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 57वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रसिद्ध कोंकणी लेखक Damodar Mauzo को प्रदान किया गया। यह सम्मान वर्ष 2021 के लिए घोषित किया गया था। दमदार साहित्यिक योगदान, विशेष रूप से कोंकणी भाषा में लिखी गई कहानियों और उपन्यासों के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। उनके लेखन में गोवा के समाज, संस्कृति और मानवीय संबंधों का गहरा चित्रण देखने को मिलता है, जिससे भारतीय साहित्य को समृद्धि मिली है।
साहित्य अकादमी पुरस्कार के प्रथम विजेता कौन थे?
भारत के प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान साहित्य अकादमी पुरस्कार के शुरुआती विजेताओं में प्रमुख नाम Makhanlal Chaturvedi का माना जाता है। उन्हें 1955 में हिंदी काव्य कृति Him Tarangini के लिए सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार भारत की विभिन्न भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्यिक रचनाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है और देश के लेखकों के लिए अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है।
साहित्य अकादमी का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
भारत की राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था Sahitya Akademi का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह संस्था देश की विभिन्न भाषाओं के साहित्य को बढ़ावा देने और लेखकों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य करती है। अकादमी का मुख्य कार्यालय Rabindra Bhavan में स्थित है। यहां से साहित्यिक कार्यक्रम, पुरस्कार, प्रकाशन और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
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