हैदराबाद। यूथ4जॉब्स फाउंडेशन से जुड़े एक राष्ट्रीय (National) पैरा एथलीट ने गाजियाबाद हेरिटेज रन 2026 में भाग लेकर संस्था का प्रतिनिधित्व किया। वे हैदराबाद से गाजियाबाद तक यात्रा कर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। इस आयोजन में 12 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 100 से अधिक व्हीलचेयर धावक भी शामिल रहे, जो समावेशिता और समान अवसर का प्रतीक बने। इस उपलब्धि पर एथलीट हैदराबाद (Hyderabad) के नंदकिशोर ने बताया कि आयोजन का माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ था और यह बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। यूथ4जॉब्स फाउंडेशन के सशक्तिकरण मिशन को आगे बढ़ाते हुए नंदकिशोर ने प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर संस्था का नाम रोशन किया। उनकी यह सफलता दिव्यांगजनों को आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।
पैरा एथलीट क्या होता है?
ऐसे खिलाड़ी को कहा जाता है, जो किसी शारीरिक या दृष्टि संबंधी विकलांगता के बावजूद खेलों में भाग लेता है। ये खिलाड़ी विशेष नियमों और श्रेणियों के तहत प्रतिस्पर्धा करते हैं। इनका मुख्य मंच पैरालंपिक खेल होता है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इन खिलाड़ियों का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रेरणा देना होता है।
पैरा एथलेटिक्स क्या है?
यह खेलों की एक शाखा है, जिसमें दिव्यांग खिलाड़ी ट्रैक और फील्ड प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। इसमें दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक जैसी स्पर्धाएं शामिल होती हैं। यह भी पैरालंपिक खेल का हिस्सा है। इसमें खिलाड़ियों को उनकी क्षमता के अनुसार वर्गों में बांटा जाता है, ताकि प्रतियोगिता निष्पक्ष और संतुलित हो सके।
पैरा-एथलीट किसे कहते हैं?
वह व्यक्ति कहलाता है, जो किसी प्रकार की दिव्यांगता के साथ एथलेटिक्स खेलों में भाग लेता है। ऐसे खिलाड़ी अपनी शारीरिक सीमाओं के बावजूद उच्च स्तर पर प्रदर्शन करते हैं और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। उनका चयन विशेष वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर होता है, जिससे समान क्षमता वाले खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके।
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