हैदराबाद। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव (Jupally Krishna Rao) ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की तेलंगाना राज्य के गठन पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अज्ञानता भरा और जनता के आत्मसम्मान पर हमला बताया। मंत्री ने कहा कि तेलंगाना का गठन लंबे संघर्ष और युवाओं के बलिदान का परिणाम है, ऐसे में इस पर अपमानजनक बयान देना उन सभी का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें लोकतंत्र और राज्य के इतिहास को कमजोर करने वाली हैं।
जूपल्ली ने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर तेलंगाना को लेकर पूर्वाग्रह है और पार्टी राज्य की पहचान को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस (Congress) नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी, ने जनता की भावनाओं को समझते हुए राज्य गठन का फैसला लिया था। अंत में मंत्री ने तेजस्वी सूर्या से बिना शर्त माफी की मांग की और कहा कि तेलंगाना के सम्मान के खिलाफ किसी भी बयान का जनता कड़ा जवाब देगी।
तेलंगाना गठन की ‘भारत-पाकिस्तान’ तुलना पर हरीश राव का विरोध
पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक हरीश राव ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की उस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने तेलंगाना के गठन की तुलना भारत-पाकिस्तान विभाजन से की थी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य का गठन दशकों के संघर्ष और हजारों छात्रों, युवाओं, कर्मचारियों व आम लोगों के बलिदान का परिणाम है। हरीश राव ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां अहंकार को दर्शाती हैं और यह बताती हैं कि भाजपा तेलंगाना राज्य को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से मांग की कि वह तुरंत इन टिप्पणियों की निंदा करे और पार्टी का स्पष्ट रुख सामने रखे। हरीश राव ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोग इसे भाजपा का आधिकारिक रुख मानेंगे।
तेजस्वी सूर्या को निष्कासित करने की मांग
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा तेलंगाना राज्य को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताते हुए उनसे तुरंत बयान वापस लेने और राज्य के लोगों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे, जिसमें तेजस्वी सूर्या को सांसद पद से हटाने और संसद से निष्कासित करने का अनुरोध किया जाएगा।
गुरुवार को गांधी भवन में मीडिया से बातचीत में प्रभाकर ने कहा कि तेजस्वी की टिप्पणियों को संसदीय अभिलेखों से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि यह तेलंगाना के लोगों और राज्य गठन के लिए हुए बलिदानों का अपमान है। मंत्री ने कहा कि संसद में पारित राज्य गठन से जुड़े विधेयकों का अपमान किया जा रहा है, जबकि तेलंगाना से चुने गए भाजपा सांसद चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि तेजस्वी सूर्या की टिप्पणियां संविधान और संसदीय प्रणाली का भी अपमान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की और बताया कि इस संबंध में वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी ईमेल भेज चुके हैं।
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