हैदराबाद । संगारेड्डी शहर स्थित महबूब सागर झील में बुधवार को टीजीआईआईसी (TGIIC) की चेयरपर्सन निर्मला जग्गारेड्डी और फिशरीज (Fisheries) कॉर्पोरेशन के चेयरमैन मेट्टू साई कुमार ने मछली के बीज छोड़े।
मछुआरों को वास्तविक लाभ मिलेगा : निर्मला
इस अवसर पर निर्मला जग्गारेड्डी कि मछुआरों की आर्थिक उन्नति के लिए कांग्रेस सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार की तरह बिना योजना के नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे मछुआरों को वास्तविक लाभ मिलेगा।
मछुआरों के कल्याण के लिए और भी कई कार्यक्रम लागू होंगे
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी तथा मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री वाकिटि श्रीहरि के नेतृत्व में भविष्य में मछुआरों के कल्याण के लिए और भी कई कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी, कांग्रेस नेता कूना संतोष, मत्स्य सहकारी समिति के अध्यक्ष नागेश, चिदंबर साई, राजेश, नरेश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
फिशरीज क्या होता है?
इसका मतलब मत्स्य पालन और मछली से जुड़ी गतिविधियों से है। इसमें मछली पकड़ना, मछली पालन (aquaculture), मछली की प्रजनन प्रक्रिया, मछली के बीज का उत्पादन, और मछली की मार्केटिंग जैसी चीजें आती हैं। सरल शब्दों में, यह मछली और उससे जुड़े व्यवसायों का अध्ययन और प्रबंधन है।
फिशरी सर्वे ऑफ इंडिया का मुख्यालय कहां है?
इसका मुख्यालय कोच्चि (Kochi), केरल में स्थित है।
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