संत सेवालाल महाराज की जयंती समारोह आयोजित
हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने कहा कि हाल ही संपन्न नगर पालिका चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने 90 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह परिणाम गरीबों के सशक्तिकरण के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। रेवंत रेड्डी ने रविवार को संत सेवालाल महाराज की जयंती समारोह में कहा कि कांग्रेस (Congress) हमेशा संयम बनाए रखती है। ”हम जीतने पर उत्साहित नहीं होते और हारने पर निराश नहीं होते। हम हमेशा जनता के लिए लगातार काम करते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नगरपालिका चुनाव के परिणाम की जिम्मेदारी स्वयं ली। विपक्षी नेता कांग्रेस की जीत को पचा नहीं पा रहे हैं और राज्य की वास्तविक राजनीति को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
जनता का सेवक बनकर किया काम
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्होंने कभी शासक की तरह नहीं, बल्कि जनता का सेवक बनकर काम किया। उन्होंने कहा, ”मैं अगले 20 साल सक्रिय रहूंगा और जनता की सेवा करूंगा।” नगर पालिका चुनाव के बाद उनके कथन ”नेने राजा नेने मंत्री” पर उठी आलोचना पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह टिप्पणी अपने मुख्यमंत्री और एमएयूडी मंत्री पदों की जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर की थी। उन्होंने लम्बाड़ा समाज के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह समाज उनके 20 साल के राजनीतिक करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नल्लमला वन में संत सेवालाल महाराज की विशाल मूर्ति का निर्माण किया जाएगा और अगली जयंती भव्य तरीके से मनाई जाएगी।
लम्बाड़ाओं ने तेलंगाना आंदोलन में भी निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा, ”संत सेवालाल ने सभी को मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी और पूरे देश के 1.5 करोड़ लम्बाड़ाओं के लिए मार्गदर्शक बने।” उन्होंने बताया कि लम्बाड़ाओं ने तेलंगाना आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई। रेवंत रेड्डी ने कहा कि आदिवासी और दलित समाज को सभी क्षेत्रों में प्राथमिकता और सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि आदिवासी तांडाओं में बीटी रोड, सरकारी स्कूल, ग्राम पंचायत भवन, जलाशय और सोलर पंप जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव पर दलित मुख्यमंत्री का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया।

गरीबों के लिए राशन कार्ड जारी कर सम्मान प्रदान कर रही सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के लिए राशन कार्ड जारी कर सम्मान प्रदान कर रही है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार योग्य शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और यंग इंडिया स्कूल्स 100 विधानसभा क्षेत्रों में 20,000 करोड़ रुपये से विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी वर्ग राज्य की कुल जनसंख्या का 15 प्रतिशत है और उन्हें 30 प्रतिशत पद दिए गए हैं। राज्य में चार मंत्री और एक स्पीकर एससी समुदाय से हैं।
सेवालाल महाराज की कितनी जयंती है?
Sant Sevalal Maharaj की जयंती हर वर्ष मनाई जाती है। वर्ष 2025 में उनकी 286वीं जयंती मनाई गई। उनका जन्म लगभग वर्ष 1739 के आसपास माना जाता है। बंजारा समाज में उन्हें महान संत, समाज सुधारक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में सम्मान दिया जाता है।
सेवालाल जयंती कब मनाई जाती है?
यह पर्व हर साल 15 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बंजारा समुदाय शोभायात्रा, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देता है।
संत सेवालाल महाराज की कहानी क्या है?
Sant Sevalal Maharaj बंजारा समाज के आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में एकता, नैतिकता और सादगी का संदेश दिया। कहा जाता है कि उन्होंने अंधविश्वास और कुरीतियों का विरोध किया तथा लोगों को धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी शिक्षाएँ आज भी बंजारा समाज में मार्गदर्शन का आधार मानी जाती हैं।
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