मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त अविनाश मोहंती ने जारी किए निर्देश
हैदराबाद। आयुध अधिनियम 1959 की धारा 21 के अंतर्गत मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त अविनाश मोहंती (Police Commissioner Avinash Mohanty) ने आगामी 11 फरवरी 2026 को होने वाले नगर निगम चुनावों के मद्देनज़र शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, शामीरपेट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहने वाले सभी लाइसेंसी हथियार (Licensed weapons) धारकों को अपने हथियार तत्काल स्थानीय पुलिस स्टेशन या किसी मान्यता प्राप्त हथियार डीलर के पास जमा करना अनिवार्य होगा। हालांकि, राष्ट्रीयकृत बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत कर्मियों तथा अधिकृत सुरक्षा स्टाफ को इस आदेश से छूट दी गई है।
जब्त किए जाएंगे हथियार
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित आदेशों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही उनके हथियार जब्त किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, 15 फरवरी से या उसके पश्चात संबंधित लाइसेंसधारी अपने हथियार पुनः प्राप्त कर सकते हैं। पुलिस विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए यह कदम आवश्यक है।
लाइसेंसी बंदूक खरीदने में कितना खर्च आता है?
आम तौर पर लाइसेंसी बंदूक खरीदने में ₹60,000 से ₹2 लाख या उससे अधिक खर्च आ सकता है। कीमत बंदूक के प्रकार, कंपनी, कैलिबर और निर्माण पर निर्भर करती है। इसके अलावा लाइसेंस फीस, नवीनीकरण शुल्क और गोला-बारूद की लागत अलग से होती है। सरकारी फैक्ट्रियों की बंदूकें अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं, जबकि निजी कंपनियों की कीमत ज्यादा होती है।
बंदूक के लाइसेंस के लिए कौन-कौन से कागज चाहिए?
सामान्यतः बंदूक लाइसेंस के लिए पहचान प्रमाण (आधार/पैन), निवास प्रमाण, जन्म प्रमाण या उम्र से संबंधित दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो, चरित्र प्रमाण पत्र, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और आवेदन पत्र देना होता है। कई मामलों में पुलिस सत्यापन और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट भी अनिवार्य होती है। राज्य के अनुसार दस्तावेजों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
बिना लाइसेंस के कौन सा हथियार रख सकते हैं?
कानूनी रूप से बिना लाइसेंस हथियार नहीं बल्कि कुछ साधारण सुरक्षा उपकरण रखे जा सकते हैं। इनमें लाठी, डंडा, स्टिक, घरेलू औज़ार, पेपर स्प्रे और कुछ राज्यों में छोटी क्षमता की एयर गन शामिल हो सकती हैं। चाकू, तलवार या धारदार हथियार सार्वजनिक स्थान पर रखना अपराध माना जा सकता है, भले ही लाइसेंस न लगे।
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