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Hyderabad : राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्रों के लिए प्रेरक ओपन डे का आयोजन

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
Hyderabad : राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्रों के लिए प्रेरक ओपन डे का आयोजन

हैदराबाद। डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और डायग्नोस्टिक्स केंद्र (CDFD) ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस को एक जीवंत ओपन डे कार्यक्रम के साथ मनाया, जिसमें स्कूल और कॉलेजों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के स्वागत भाषण में, स्टाफ साइंटिस्ट और आयोजक डॉ. वर्षा श्रीवास्तव ने छात्रों को संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराया और भारत सरकार की बायोई थ्री पहल के बारे में बताया, छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी (Technology) और नवाचार के नए अवसरों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

दर्शकों को किया बहुत प्रभावित

डॉ. श्वेता त्यागी, स्टाफ साइंटिस्ट और लेबोरेटरी ऑफ सेल सायकल रेगुलेशन की ग्रुप लीडर से प्रेरक व्याख्यान दिया। उनके व्याख्यान ने एक एकल कोशिका की जटिलता को प्रत्येक छात्र की असीम संभावनाओं से जोड़ते हुए दर्शकों को बहुत प्रभावित किया। कार्यक्रम में विज्ञान प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जहां छात्रों ने विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप में देखा और शोधकर्ताओं से सीधे संवाद किया। छात्रों को सीडीएफडी की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का गाइडेड टूर भी कराया गया, जिससे उन्हें नवीनतम वैज्ञानिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। कार्यक्रम का समापन अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ।

राष्ट्र विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

भारत में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1928 में भारतीय वैज्ञानिक C. V. Raman ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला। विज्ञान के महत्व, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह दिवस पूरे देश में विद्यालयों, कॉलेजों और वैज्ञानिक संस्थानों में मनाया जाता है।

28 फरवरी को किसका जन्म हुआ था?

इस तिथि पर कई प्रसिद्ध व्यक्तियों का जन्म हुआ है। उदाहरण के लिए, भारत के पहले राष्ट्रपति Dr. Rajendra Prasad का जन्म 28 फरवरी 1884 को हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष भी रहे। यह दिन उनके योगदान को याद करने का भी अवसर माना जाता है।

विज्ञान दिवस का आविष्कार किसने किया था?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का निर्णय भारत सरकार ने 1986 में लिया था। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना था। यह किसी एक व्यक्ति का आविष्कार नहीं, बल्कि सरकारी पहल थी, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से शुरू किया गया। तब से हर वर्ष 28 फरवरी को पूरे देश में यह दिवस मनाया जाता है।

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