हैदराबाद। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी भवन में रक्तदान शिविर और फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खैरताबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोथा रोहित मुदिराज द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजीव गांधी के जीवन और योगदान पर आधारित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई तथा रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में एआईसीसी सचिव व तेलंगाना सह प्रभारी सचिन सावंत (Sachin Sawant), तेलंगाना सरकार के सलाहकार वी. हनुमंत राव, विधायक दानम नागेन्द्र तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आज़रुद्दीन उपस्थित रहे।
सपनों को साकार करना ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के देश के विकास, तकनीकी प्रगति और सामाजिक सुधारों में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के आदर्शों और विज़न को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए और उनके सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। खैरताबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोथा रोहित मुदिराज ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा भावना और जागरूकता को बढ़ाते हैं तथा राजीव गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद करते हैं।
राजीव गांधी की मृत्यु का कारण क्या था?
मृत्यु 21 मई 1991 को एक आत्मघाती बम विस्फोट में हुई थी। यह हमला तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार इस हमले के पीछे एलटीटीई संगठन के आतंकियों का हाथ बताया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उनकी हत्या भारत के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों में गिनी जाती है।
भारत में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री कौन बने हैं?
राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले नेता माने जाते हैं। उन्होंने लगभग 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री पद संभाला था। वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। उनके कार्यकाल में तकनीक, दूरसंचार और कंप्यूटर क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव शुरू हुए थे।
राजीव गांधी का प्रधानमंत्री कार्यकाल कब से कब तक था?
31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। कार्यकाल के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार शुरू किए गए। वे भारत के युवा प्रधानमंत्रियों में प्रमुख रूप से याद किए जाते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :