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Politics : रेवंत के ‘2034 सपने’ पर भाजपा का तंज, कहा- “मुंगेरीलाल के हसीन सपने”

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 17, 2026 • 12:16 PM
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हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) के वर्ष 2034 तक सत्ता में बने रहने और उसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व वाली संभावित कांग्रेस सरकार में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करने संबंधी कथित बयान पर शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एन. वी. सुभाष ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक (Political) महत्वाकांक्षाओं को “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक वास्तविकताओं और जनता की भावनाओं से कटा हुआ है। सुभाष ने कहा कि सपने देखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसी महत्वाकांक्षाएं सुशासन और चुनावी वास्तविकताओं पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार अब तक जनता से किए गए कई चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।

तेलंगाना भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य

भाजपा नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री एन. टी. रामाराव और के. चंद्रशेखर राव का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी नेता अजेय नहीं होता और अंततः जनता की राय ही राजनीतिक भविष्य तय करती है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी देशभर में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस वर्ष 2034 तक राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में कैसे बनी रह पाएगी। सुभाष ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में तेलंगाना भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरे वादों, प्रशासनिक विफलताओं और तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ वर्ग भी सत्तारूढ़ दल से निराश हो रहे हैं। आगामी जीएचएमसी चुनावों का उल्लेख करते हुए सुभाष ने कहा कि यह चुनाव तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के लिए “वास्तविकता की परीक्षा” साबित होंगे।

हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?

2011 की जनगणना के अनुसार शहर की कुल आबादी में लगभग 40 प्रतिशत लोग मुस्लिम समुदाय से जुड़े बताए गए थे। इसके अलावा हिंदू, ईसाई, सिख और अन्य समुदायों के लोग भी यहां निवास करते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता इस शहर की प्रमुख पहचान मानी जाती है। पुराने शहर क्षेत्र में ऐतिहासिक मस्जिदें और पारंपरिक बाजार काफी प्रसिद्ध हैं। समय के साथ आबादी में बदलाव संभव माना जाता है क्योंकि नए आधिकारिक आंकड़े जनगणना के बाद ही जारी होते हैं।

हैदराबाद किस राज्य में है?

Hyderabad भारत के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रमुख शहर है और यह तेलंगाना राज्य की राजधानी माना जाता है। वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य बनने के बाद इसे राजधानी का दर्जा मिला। यह शहर सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा और व्यापार के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक इमारतों और आधुनिक आईटी उद्योग का अनोखा मिश्रण यहां देखने को मिलता है।

हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?

यह शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहर, आईटी उद्योग और स्वादिष्ट भोजन के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। Charminar और गोलकोंडा किला यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। हैदराबादी बिरयानी दुनियाभर में लोकप्रिय मानी जाती है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और स्टार्टअप्स के कारण इसे भारत के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल किया जाता है। मोती, पारंपरिक बाजार और सांस्कृतिक विविधता भी इसकी खास पहचान हैं।

हैदराबाद में हिंदी बोली जाती है?

यहां हिंदी व्यापक रूप से समझी और बोली जाती है, खासकर व्यापार, शिक्षा और दैनिक बातचीत में। इसके अलावा तेलुगु और उर्दू भी प्रमुख भाषाएं मानी जाती हैं। विभिन्न राज्यों से आए लोगों के कारण शहर बहुभाषी संस्कृति के लिए जाना जाता है। पुराने शहर क्षेत्रों में उर्दू का प्रभाव अधिक देखा जाता है, जबकि आईटी और व्यावसायिक क्षेत्रों में हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग सामान्य है। विविध भाषाओं के कारण यहां सांस्कृतिक मेल-जोल की विशेष पहचान बनी हुई है।

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