हैदराबाद। तेलंगाना के परिवहन एवं बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने सरपंचों से अपील की है कि वे सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और उनमें छात्रों के नामांकन को बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। हुस्नाबाद के वैश्य भवन में बुधवार को “प्रजा पालना प्रगति प्राणालिका” के 99 दिवसीय कार्ययोजना और शिक्षा सप्ताह के तहत आयोजित शिक्षा कार्यशाला में मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंत्री ने हुस्नाबाद, अक्कनपेट, कोहेड़ा और बेज्जंकी मंडलों के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता (highest priority) दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों और कल्याण योजनाओं की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति रुचि कम हो रही है, जो चिंता का विषय है।
घर-घर जाकर बच्चों के नामांकन सुनिश्चित करने की कही बात
उन्होंने सरपंचों से अपील की कि ग्रामीण क्षेत्रों में निजी स्कूल बसों के संचालन को हतोत्साहित किया जाए और अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने “बड़ी बाटा” अभियान को तेज करने और घर-घर जाकर बच्चों के नामांकन सुनिश्चित करने की बात कही। मंत्री ने बताया कि हाल ही में सात मंडलों में बैठकें आयोजित की गई हैं और सरकारी स्कूलों में ढांचे तथा नामांकन सुधार के लिए पांच सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरपंचों की भूमिका गांवों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है। अपने सांसद कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि हुस्नाबाद में सतवाहन विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित कराया गया और 31 मंडलों में 29 मॉडल स्कूल तथा कस्तूरबा विद्यालय खोले गए।
बनाया जा रहा आधुनिक सुविधाओं वाला एकीकृत आवासीय विद्यालय
मंत्री ने बताया कि कोहेड़ा के पास थंगलापल्ली में 200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं वाला एकीकृत आवासीय विद्यालय बनाया जा रहा है। साथ ही 250 बिस्तरों वाला अस्पताल भी निर्माणाधीन है और एल्काथुर्थी में बेसरा ट्रिपल आईटी की शाखा जल्द स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है, जबकि कई अभिभावक निजी संस्थानों में भारी फीस खर्च कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और अधिक नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विद्यालयों और सामाजिक कल्याण संस्थानों के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डंडी लक्ष्मी, उपाध्यक्ष चित्तारी पद्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास रेड्डी, आरडीओ राममूर्ति, एमईओ, सरपंच और प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
नाम से ड्राइविंग लाइसेंस नंबर कैसे खोजें?
सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से केवल नाम के आधार पर लाइसेंस नंबर सार्वजनिक रूप से खोजने की सुविधा सामान्यतः उपलब्ध नहीं होती। पहचान सत्यापन के लिए जन्मतिथि, आवेदन संख्या या अन्य आधिकारिक जानकारी की आवश्यकता पड़ सकती है। कई राज्यों में परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से सीमित जानकारी देखी जा सकती है। गलत उपयोग रोकने के लिए व्यक्तिगत विवरण सुरक्षित रखे जाते हैं। सही जानकारी के लिए संबंधित आरटीओ कार्यालय या आधिकारिक परिवहन पोर्टल का उपयोग करना उचित माना जाता है।
परिवहन का अर्थ क्या है?
लोगों, सामान या वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया को परिवहन कहा जाता है। सड़क, रेल, जल और वायु मार्ग इसके प्रमुख माध्यम माने जाते हैं। व्यापार, यात्रा और आर्थिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आधुनिक समाज में परिवहन व्यवस्था को विकास की आधारभूत आवश्यकता माना जाता है। बेहतर सड़कें, रेलवे और सार्वजनिक यातायात सेवाएं लोगों की सुविधा और समय बचाने में मदद करती हैं। देश और दुनिया को आपस में जोड़ने में भी इसका बड़ा योगदान होता है।
2026 में ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम क्या हैं?
परिवहन नियम समय-समय पर सरकार द्वारा अपडेट किए जाते हैं। हाल के वर्षों में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज, बायोमेट्रिक सत्यापन और ड्राइविंग टेस्ट से जुड़े नियमों पर अधिक जोर दिया गया है। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को मजबूत बनाने के लिए कई नए प्रावधान लागू किए जाते रहे हैं। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही किसी नए नियम की पुष्टि मानी जाती है। सही और ताजा जानकारी के लिए सरकारी परिवहन विभाग की घोषणाओं को देखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मोबाइल नंबर से ड्राइविंग लाइसेंस कैसे चेक करें?
कुछ सरकारी परिवहन सेवाओं में मोबाइल नंबर और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से लाइसेंस संबंधी जानकारी देखी जा सकती है। इसके लिए आधिकारिक परिवहन पोर्टल या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर आवेदन संख्या, जन्मतिथि या अन्य पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी जा सकती है। सुरक्षा कारणों से सभी विवरण केवल सत्यापन के बाद ही दिखाई देते हैं। गलत वेबसाइटों और फर्जी लिंक से बचना जरूरी माना जाता है ताकि व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।
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