Telugu writer : तेलुगु साहित्यकार शारदा अशोकवर्धन का निधन

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हैदराबाद । प्रख्यात तेलुगु लेखिका और साहित्य जगत की दिग्गज हस्ती शारदा अशोकवर्धन (Sharada Ashokavardhan) का बुधवार रात को बंजारा हिल्स स्थित अपनी बेटी के आवास पर 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एक विपुल लेखिका (Prolific Writer), शारदा अशोकवर्धन ने उपन्यास, कविता, नाटक, निबंध, गीत, बाल साहित्य और समाचार पत्रों के स्तंभों सहित 80 से अधिक पुस्तकों के साथ तेलुगु साहित्य को समृद्ध किया।

कई वर्षों तक ऑल इंडिया रेडियो में भी अपनी सेवाएं दीं

उन्होंने कई वर्षों तक ऑल इंडिया रेडियो में भी अपनी सेवाएं दीं और “मनसायेरा माधव” जैसी गीतात्मक रचनाओं के लिए अपार लोकप्रियता हासिल की। ​​दिग्गज गायक एम. बालमुरलीकृष्ण द्वारा गाया गया उनका गीत “गणपति सुप्रभातम्” आज भी भक्तों और संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। उनके कई गीतों को प्रख्यात संगीतकार पलागुम्मी विश्वनाधम ने संगीतबद्ध किया, जबकि उनकी साहित्यिक कृतियों का तमिल, कन्नड़ और हिंदी में अनुवाद किया गया। उनकी रचनाएँ अकादमिक शोध और डॉक्टरेट अध्ययन का विषय भी बनीं। साहित्य के अलावा, उन्होंने सार्वजनिक सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, राज्य सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक के रूप में और बाद में जवाहर बाल भवन के निदेशक के रूप में सेवाएं दीं।

तीन नंदी पुरस्कार और कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले

शारदा अशोकवर्धन को तीन नंदी पुरस्कार और कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले, जिनमें तेलुगु विश्वविद्यालय पुरस्कार, सुशीला नारायण रेड्डी पुरस्कार और राज्यलक्ष्मी पुरस्कार शामिल हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री और अभिनेता एनटी रामाराव द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में टिप्पणीकार के रूप में अपनी भूमिका के लिए भी जानी जाती थीं। उनके परिवार में चार बेटियां हैं, जिनमें प्रख्यात पत्रकार, एंकर और लेखिका शैलजा सुमन भी शामिल हैं। उनके निधन से तेलुगु संस्कृति में एक गौरवशाली साहित्यिक युग का अंत हो गया है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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