हैदराबाद। श्रम एवं खान मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी ने बताया कि पिछले सीजन में 1.10 लाख टन अनाज की खरीद की गई थी, जबकि इस वर्ष सरकार ने खरीद अवधि 6 जून तक बढ़ा दी है और 1.70 लाख टन तक खरीद लक्ष्य (Purchase Target) रखा गया है। श्रम एवं खान मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि तेलंगाना सरकार इस सीजन में किसानों से उपज का एक-एक दाना खरीदेगी और उन्हें भड़काकर आंदोलन कराने की किसी भी राजनीतिक कोशिश को सफल नहीं होने देगी। मंत्री ने बुधवार को मंचेरियल जिले के जयपुर मंडल स्थित टेकुमतला के आईकेपी (IKP) धान खरीद केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे बातचीत भी की। डॉ. विवेक वेंकटस्वामी ने कहा कि इस बार फसल उत्पादन बेहद अच्छा रहा है।
मंत्री ने आईकेपी धान खरीद केंद्र का दौरा किया
उन्होंने जानकारी दी कि भंडारण की सुविधा के लिए पेड्डापल्ली में तीन गोदाम तैयार किए गए हैं। उन्होंने हमालियों और लॉरियों की कमी के कारण हुई मामूली देरी को स्वीकार करते हुए कहा कि इसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं तथा अतिरिक्त वाहनों के लिए सिंगरेनी कोलियरीज से अनुरोध किया गया है। मंत्री ने बीआरएस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलने के बावजूद जानबूझकर अशांति फैलाने और आंदोलन कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा खारिज किए जाने के बाद बीआरएस नेता निराश हैं और किसानों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं
उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार किसी को भी कानून हाथ में लेने या राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगी तथा ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल्का सुमन के कथित 100 करोड़ रुपये चुनाव खर्च के दावे का उल्लेख करते हुए मंत्री ने उनसे सार्वजनिक रूप से धन के स्रोत का खुलासा करने और तेलंगाना की जनता से माफी मांगने की मांग की। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
2026-27 में धान का समर्थन मूल्य क्या है?
केंद्र सरकार ने 2026-27 खरीफ विपणन सीजन के लिए सामान्य धान (कॉमन पैडी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,441 प्रति क्विंटल तय किया है। ए-ग्रेड धान का समर्थन मूल्य ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए यह MSP घोषित किया जाता है। खरीद केंद्रों पर सरकारी एजेंसियां निर्धारित दर पर धान खरीदती हैं।
गेहूं की सरकारी खरीद रेट क्या है?
2026-27 रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों से इसी निर्धारित दर पर गेहूं खरीदा जाता है। अलग-अलग राज्यों में बोनस या अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जा सकती है। MSP का उद्देश्य किसानों को बाजार में न्यूनतम मूल्य की सुरक्षा देना होता है।
सबसे महंगा बिकने वाला अनाज कौन सा है?
दुनिया में कई प्रकार के अनाज ऊंची कीमत पर बिकते हैं, लेकिन केसर चावल, काला चावल और कुछ विशेष जैविक अनाज काफी महंगे माने जाते हैं। भारत में बासमती चावल की कुछ प्रीमियम किस्में भी उच्च कीमत पर बिकती हैं। दुर्लभता, गुणवत्ता, स्वाद और उत्पादन लागत के आधार पर अनाज की कीमत तय होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऑर्गेनिक और विशेष किस्मों की मांग अधिक देखी जाती है।
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