हैदराबाद। भारतीय जनसंपर्क सोसाइटी, हैदराबाद अध्याय 19 अप्रैल 2026 को हैदराबाद में चौथा तेलंगाना जनसंपर्क सम्मेलन आयोजित करेगा। सम्मेलन का विषय ”तेलंगाना उदीयमान 2047 : संचार, नवाचार और सशक्तिकरण” निर्धारित किया गया है। एक दिवसीय यह सम्मेलन विभिन्न विषयगत सत्रों में संपन्न होगा, जिसमें संचार रणनीतियों, नीतिगत संवाद, प्रौद्योगिकी (Technology) के उपयोग, जनमाध्यमों में नवाचार, नवउद्यम संस्कृति, पर्यटन एवं संस्कृति, छवि निर्माण, युवा रोजगार तथा जन सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन के अंतर्गत तेलंगाना राज्य में कार्यरत संस्थाओं से तेलंगाना जनसंपर्क पुरस्कारों के लिए नामांकन (Enrollment) आमंत्रित किए गए हैं।
एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न कार्यों से संबंधित होनी चाहिए प्रविष्टियां
पुरस्कार श्रेणियों में डिजिटल एवं सामाजिक माध्यम संचार, संकट संवाद और प्रतिष्ठा प्रबंधन, सामुदायिक संबंधों में योगदान तथा संस्थागत स्वयंसेवा, आंतरिक संवाद एवं कर्मचारी सहभागिता, विपणन संवाद, जनमाध्यम संबंध, सामाजिक दायित्व एवं पर्यावरण–सामाजिक उत्तरदायित्व अभियान, कार्यक्रम प्रबंधन, वर्ष का श्रेष्ठ जनसंपर्क अभियान, संस्थागत चलचित्र निर्माण, गृह पत्रिका, संस्थागत जालस्थल, ई-पत्रिकाएं, ब्लॉग तथा कॉफी टेबल पुस्तकें, कैलेंडर, डायरी, पुस्तिकाएं और वार्षिक प्रतिवेदन जैसे संस्थागत प्रकाशन शामिल हैं। प्रविष्टियां एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न कार्यों से संबंधित होनी चाहिए।
जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित
पुरस्कार प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। जनसंपर्क क्षेत्र के कार्यकर्ता, संस्थागत संवाद विशेषज्ञ, जनमाध्यम प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, नवप्रवर्तक, उद्योग प्रतिनिधि, युवा संवाद अभ्यर्थी तथा विद्यार्थी सम्मेलन में प्रतिनिधि के रूप में भाग ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि हैदराबाद अध्याय ने 1988, 2000 और 2019 में तीन अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन आयोजित किए हैं, जबकि 1980 से 2013 के बीच 12 आंध्र-प्रदेश जनसंपर्क सम्मेलन संपन्न कराए। राज्य पुनर्गठन के बाद 2017, 2018 और 2022 में तीन तेलंगाना राज्य जनसंपर्क सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। डॉ. यदागिरि कंभमपति, अध्यक्ष, भारतीय जनसंपर्क सोसाइटी, हैदराबाद अध्याय ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या में लगभग 85% लोग हिंदू धर्म को मानते हैं। उस समय कुल आबादी करीब 3.5 करोड़ थी। नवीनतम आधिकारिक जनगणना के आंकड़े आने पर प्रतिशत में बदलाव संभव है। Telangana में मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के लोग भी निवास करते हैं।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “त्रिलिंग देश” या “तेलंग” भी कहा गया है। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों से जुड़ा है। 2 जून 2014 को Telangana भारत का 29वां राज्य बना। आधिकारिक रूप से इसका कोई अलग दूसरा नाम वर्तमान में प्रचलित नहीं है।
तेलंगाना और हैदराबाद में क्या अंतर है?
Telangana एक राज्य है, जबकि Hyderabad उसकी राजधानी शहर है। राज्य में कई जिले और शहर शामिल हैं, लेकिन हैदराबाद एक महानगर है। राज्य की अपनी सरकार और विधानसभा होती है, जबकि शहर का स्थानीय प्रशासन नगर निगम द्वारा संचालित किया जाता है।
तेलंगाना में सरकार किसकी है?
वर्तमान में Telangana में Indian National Congress की सरकार है। मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। सरकार का गठन विधानसभा चुनावों में बहुमत प्राप्त करने के बाद हुआ।
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