परीक्षा तैयारी पर प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
हैदराबाद। अबिड्स स्थित स्टेनली गर्ल्स हाई स्कूल के ऑडिटोरियम (auditorium) में हैदराबाद जिला शिक्षा विभाग के तत्वावधान में संकल्प फाउंडेशन के सहयोग से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा तैयारी पर प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला कलेक्टर दासरी हरिचंदना, डीईओ रोहिणी, युवा खिलाड़ी नैना जायसवाल, संकल्प फाउंडेशन के प्रतिनिधि, मोटिवेशनल स्पीकर्स तथा हैदराबाद जिले के विभिन्न विद्यालयों के दसवीं कक्षा के विद्यार्थी शामिल हुए। मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने कहा कि दसवीं कक्षा जीवन का महत्वपूर्ण चरण है और यह भविष्य की नींव रखने वाला पहला बड़ा कदम है।
आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा के दौरान भय और संकोच को दूर रखकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। ‘आपने पूरे वर्ष परिश्रम किया है, अब केवल आत्मविश्वास और समय प्रबंधन के साथ परीक्षा का सामना करना है।, मंत्री ने बताया कि वे स्वयं और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी सरकारी स्कूलों में पढ़े हैं। सरकार सरकारी विद्यालयों को प्राथमिकता देते हुए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, इसलिए किसी प्रकार की हीन भावना न रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे उच्च लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त करें, जिससे परिवार और समाज का नाम रोशन हो।

छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने की सलाह
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रिवीजन करने, टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई करने, छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने तथा पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने की सलाह दी। परीक्षा के दौरान टीवी, मोबाइल और अनावश्यक मित्र मंडली से दूरी बनाए रखने को कहा। मंत्री ने स्वास्थ्य पर ध्यान देने, पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की भी सलाह दी। ‘अंतिम समय में तनाव न लें। अपने आप पर विश्वास रखें। आप अवश्य सफल होंगे।, उन्होंने कहा और सभी विद्यार्थियों को आगामी दसवीं परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता की शुभकामनाएं दीं।
परीक्षा की अच्छी तैयारी कैसे करें?
सफल परिणाम के लिए नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन जरूरी होता है। सबसे पहले सिलेबस को समझकर टाइम-टेबल बनाएं और रोज़ाना निश्चित समय पर पढ़ाई करें। कठिन विषयों को छोटे भागों में बांटकर दोहराएं। पुराने प्रश्नपत्र हल करें और नोट्स तैयार करें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और छोटे-छोटे ब्रेक लेने से एकाग्रता बनी रहती है।
परीक्षा की तैयारी का अर्थ क्या है?
यह केवल पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि विषय को समझना, याद करना और उसे सही तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करना भी शामिल है। इसमें योजना बनाना, समय प्रबंधन, अभ्यास और पुनरावृत्ति शामिल होते हैं। उद्देश्य यह होता है कि निर्धारित पाठ्यक्रम को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में लिख सकें।
बिना टेंशन की पढ़ाई कैसे करें?
तनाव कम रखने के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित दिनचर्या अपनाएं। पढ़ाई के बीच-बीच में छोटे विराम लें और हल्का व्यायाम या ध्यान करें। सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें और अपनी तुलना दूसरों से न करें। तैयारी को छोटे लक्ष्यों में बांटने से दबाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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