एम्बुलेंस की तर्ज पर बिजली सेवाएं
हैदराबाद। तेलंगाना में बिजली क्षेत्र को मजबूत करते हुए किसानों और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना ही जन सरकार का उद्देश्य है। यह बात उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क (Mallu Bhatti Vikramarka) ने सोमवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान कही। बिजली विभाग पर हुई चर्चा का विस्तृत जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान जमा हुई समस्याओं को दूर करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ बिजली विभाग को जनता के और करीब लाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 तक लंबित आवेदनों की समीक्षा कर 3 लाख 44 हजार 462 किसानों को नए कृषि बिजली कनेक्शन (Agricultural power connection) दिए गए हैं। कनेक्टेड लोड के अनुरूप 75 हजार 686 नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए।
दो लाख अतिरिक्त कनेक्शन देना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण
उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठता के आधार पर बिना किसी भेदभाव के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, लाइन कार्य पूरा होते ही 9,700 और किसानों को ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत किए जाएंगे। वर्ष 2024 और 2025 में लगभग दो लाख अतिरिक्त कनेक्शन देना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि बिजली आपूर्ति में बाधा आने पर अब लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ‘108 एम्बुलेंस’ की तर्ज पर ‘बिजली एम्बुलेंस’ सेवाएं शुरू की गई हैं। 1912 टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करते ही मोबाइल ट्रांसफॉर्मर, थर्मल विजन कैमरा और सेफ्टी गियर से लैस वाहन मौके पर पहुंचेगा। इस वाहन में एक इंजीनियर और दो कर्मचारी होंगे, जो युद्धस्तर पर समस्या का समाधान करेंगे।
बिजली खंभों, ट्रांसफॉर्मरों या तारों की कोई कमी नहीं
उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में कहीं भी बिजली खंभों, ट्रांसफॉर्मरों या तारों की कोई कमी नहीं है। प्रजा बाटा कार्यक्रम के तहत अधिकारी सप्ताह में तीन दिन खेतों में रहकर झुके हुए खंभों और लटकते तारों को ठीक कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई सदस्य लिखित रूप में समस्या उनके संज्ञान में लाता है, तो 24 घंटे के भीतर समाधान किया जाएगा।
भट्टी कौन सी जाति है?
भट्टी एक प्रसिद्ध राजपूत वंश माना जाता है। इतिहास में भट्टी वंश का संबंध मुख्य रूप से क्षत्रिय समुदाय से जोड़ा जाता है। यह वंश विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। भट्टी राजपूतों का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और लोककथाओं में वीरता, शासन और युद्धकौशल के लिए किया गया है। समय के साथ भट्टी उपनाम अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में भी अपनाया गया, लेकिन पारंपरिक रूप से इसे राजपूत जाति से संबंधित माना जाता है।
मल्लू रवि और भट्टी विक्रमार्क के बीच क्या संबंध है?
मल्लू रवि और मल्लू भट्टी विक्रमार्क आपस में सगे भाई हैं। दोनों तेलंगाना की राजनीति में सक्रिय हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। मल्लू भट्टी विक्रमार्क तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि मल्लू रवि पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं। दोनों भाई सामाजिक न्याय, जनहित और कांग्रेस की नीतियों के समर्थन के लिए जाने जाते हैं और राज्य की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।
राजा विक्रमादित्य की कहानी क्या है?
राजा विक्रमादित्य भारत के एक महान और न्यायप्रिय राजा माने जाते हैं, जिनका शासन उज्जैन से जुड़ा बताया जाता है। वे अपनी वीरता, बुद्धिमत्ता और न्याय के लिए प्रसिद्ध थे। विक्रमादित्य से जुड़ी सबसे लोकप्रिय कथाएं “विक्रम-बेताल” की कहानियां हैं, जिनमें उनके विवेक और निर्णय क्षमता को दर्शाया गया है। कहा जाता है कि उन्होंने विक्रम संवत की शुरुआत की थी। ऐतिहासिक और लोककथाओं में राजा विक्रमादित्य आदर्श शासक और धर्मपरायण राजा के रूप में स्मरण किए जाते हैं।
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