CM : डॉ. बाबू जगजीवन राम देश के लिए आदर्श- मुख्यमंत्री

Read Time:  1 min
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने स्वतंत्रता सेनानी (Freedom Fighter) और पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ. बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर उन्हें याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। गरीबी में जन्म लेने के बावजूद उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति उन्हें उच्च पदों तक ले गई। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में सेवा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबूजी ने वंचित वर्गों और श्रमिकों के कल्याण के लिए अथक प्रयास किए और जातिगत भेदभाव व सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष (Conflict) किया। उन्होंने कहा कि बाबूजी के आदर्शों के आधार पर ही तेलंगाना में जनकल्याणकारी शासन चल रहा है और राज्य सरकार सामाजिक न्याय एवं आरक्षण नीतियों पर लगातार काम कर रही है।

बाबू जगजीवन राम कौन थे?

प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और वरिष्ठ नेता बाबू जगजीवन राम भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई में भाग लिया और बाद में देश के कई अहम मंत्रालय संभाले। वे सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के मजबूत समर्थक रहे। लंबे समय तक संसद सदस्य रहते हुए उन्होंने देश के विकास और समानता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बाबू जगजीवन राम किस जाति के थे?

सामाजिक रूप से वे दलित समुदाय से संबंधित थे। बाबू जगजीवन राम का जन्म बिहार में एक अनुसूचित जाति परिवार में हुआ था, जिसे चमार (रविदास) समुदाय के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक भेदभाव का सामना किया, लेकिन शिक्षा और संघर्ष के बल पर उच्च स्थान प्राप्त किया और समाज के लिए प्रेरणा बने।

भारत के प्रथम श्रम मंत्री कौन थे?

आजादी के बाद देश के पहले श्रम मंत्री बाबू जगजीवन राम थे। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां बनाई। उनके कार्यकाल में मजदूरों के हितों की रक्षा और श्रम कानूनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे देश में श्रमिक वर्ग को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिल सकी।

जगजीवन का अर्थ क्या होता है?

शब्द “जगजीवन” का अर्थ होता है “दुनिया का जीवन” या “संपूर्ण जगत को जीवन देने वाला”। यह दो शब्दों से मिलकर बना है—‘जग’ यानी संसार और ‘जीवन’ यानी जीवन या प्राण। इस नाम का भावार्थ व्यापकता, जीवंतता और सभी के लिए उपयोगी जीवन शक्ति को दर्शाता है, जो सकारात्मक और प्रेरणादायक अर्थ प्रदान करता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।