हैदराबाद। भारत सरकार ने वाणिज्य विभाग और फार्मेक्सिल द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय चिंतन शिविर (High-Level Deliberation Camp) में फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के लिए मजबूत समर्थन की पुनः पुष्टि की। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राजेश अग्रवाल, सचिव, वाणिज्य विभाग ने की। इस अवसर पर फार्मेक्सिल के अध्यक्ष और फार्मास्यूटिकल्स विभाग के संयुक्त सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वाणिज्य सचिव ने अपने संबोधन में भारत की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की मजबूत विकास गति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत, जिसकी जनसंख्या लगभग 18–19% है, स्वयं एक बड़ा और बढ़ता हुआ बाजार है, जहां बढ़ती आय स्वास्थ्य (Health) सेवाओं की मांग को और बढ़ाएगी।
उद्योग का वर्तमान मूल्य लगभग 60 अरब अमेरिकी डॉलर
उन्होंने बताया कि इस उद्योग का वर्तमान मूल्य लगभग 60 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिसमें लगभग 50% योगदान निर्यात से आता है। भारत अपनी पैमाने, लागत प्रतिस्पर्धा और जेनेरिक दवाओं में वैश्विक नेतृत्व के कारण ‘दुनिया की फार्मेसी’ बन गया है। उन्होंने आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर जोर दिया। उन्होंने उत्पादन (वॉल्यूम) से मूल्य (वैल्यू) आधारित विकास की ओर बदलाव, नवाचार, बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार केंद्र बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप था। चर्चाओं में निर्यात विस्तार, नियामक चुनौतियाँ और एआई-समर्थित दक्षताओं पर विचार किया गया।
बी फार्मा की 1 साल की फीस कितनी होती है?
कॉलेज के प्रकार के अनुसार खर्च अलग-अलग होता है। सरकारी संस्थानों में सालाना फीस लगभग 20,000 से 80,000 रुपये के बीच रहती है। निजी कॉलेजों में यही फीस 1 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में यह राशि और अधिक भी हो सकती है। इसके अलावा हॉस्टल, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च जोड़ने पर कुल बजट बढ़ जाता है।
फार्मा का अर्थ क्या होता है?
असल में यह शब्द “फार्मास्यूटिकल” से लिया गया है, जो दवाइयों से जुड़े क्षेत्र को दर्शाता है। इस क्षेत्र में दवाओं का निर्माण, परीक्षण, भंडारण और वितरण शामिल होता है। स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी अहम भूमिका होती है। विज्ञान, विशेष रूप से रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान का उपयोग करके दवाओं को विकसित किया जाता है, जिससे लोगों के इलाज और स्वास्थ्य सुधार में मदद मिलती है।
फार्मा कंपनी में क्या काम होता है?
आमतौर पर यहां दवाओं के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री तक के कई काम किए जाते हैं। रिसर्च और डेवलपमेंट के तहत नई दवाएं तैयार की जाती हैं, जबकि क्वालिटी कंट्रोल में उनकी जांच होती है। इसके अलावा मार्केटिंग, सेल्स, पैकेजिंग और सप्लाई चेन का कार्य भी शामिल होता है। विभिन्न विशेषज्ञ जैसे वैज्ञानिक, फार्मासिस्ट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मिलकर दवाओं को बाजार तक पहुंचाते हैं।
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