हैदराबाद। राज्य सचिवालय में आयोजित मीडिया सम्मेलन में मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने हुस्नाबाद स्थित सातवाहन विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज (College of Engineering) की पुस्तिका तथा कॉलेज कोड ‘एसयूसीई’ का पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने तेलंगाना ईएएमसीईटी परीक्षा (Exam) देने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं तथा कॉलेज में प्रवेश लेने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुस्नाबाद में शातवाहन विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की है।
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने विद्यार्थियों से प्रवेश लेने की अपील
उन्होंने बताया कि राज्य में 22 सरकारी और 157 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज में प्रथम वर्ष के लिए कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा बायोटेक्नोलॉजी सहित पाँच पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार कुल 300 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि कॉलेज में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, डिजिटल पुस्तकालय, डिजिटल कक्षाएँ, कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाएँ, कार्यशालाएँ तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि परिवहन सुविधा भी उपलब्ध है और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
हुस्नाबाद में कॉलेज के लिए 36 एकड़ भूमि आवंटित
उन्होंने बताया कि हुस्नाबाद में कॉलेज के लिए 36 एकड़ भूमि आवंटित की गई है तथा भवन और छात्रावास निर्माण के लिए 44.12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। स्थायी भवनों का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। मंत्री ने कहा कि अनुभवी अध्यापकों, आधुनिक सुविधाओं और प्लेसमेंट तथा करियर मार्गदर्शन की व्यवस्था के कारण यह कॉलेज विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार बनेगा। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को अब इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में विद्यार्थियों को साइकिल, पुस्तकें और कैलकुलेटर भी वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियाँ, विशेषज्ञ व्याख्यान, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा शोध एवं पेटेंट संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाकर गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से हुस्नाबाद स्थित शातवाहन विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज को अपने विकल्प के रूप में चुनने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने हुस्नाबाद में चल रही अन्य विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहाँ 250 शैय्या अस्पताल, स्नातकोत्तर मेडिकल कॉलेज, अर्बन फॉरेस्ट पार्क तथा विभिन्न मंदिरों और तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हुस्नाबाद शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित होगा।
दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय कौन सा है?
नामांकन के आधार पर IGNOU (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है जिसमें करोड़ों छात्र पंजीकृत हैं। गुणवत्ता रैंकिंग की बात करें तो QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अमेरिका का MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) लगातार 14वीं बार पहले स्थान पर बना हुआ है और इंपीरियल कॉलेज लंदन ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
भारत की टॉप 10 यूनिवर्सिटी कौन-कौन सी हैं?
NIRF रैंकिंग 2025 के अनुसार विश्वविद्यालय श्रेणी में शीर्ष 10 इस प्रकार हैं — IISc बेंगलुरु (पहला), JNU नई दिल्ली (दूसरा), मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी (तीसरा), जामिया मिलिया इस्लामिया (चौथा), दिल्ली विश्वविद्यालय (पांचवां), BHU वाराणसी (छठा) और BITS पिलानी (सातवां) शामिल हैं। इंजीनियरिंग में IIT मद्रास और मैनेजमेंट में IIM अहमदाबाद पहले स्थान पर रहे।
UP में कितनी यूनिवर्सिटी हैं?
उत्तर प्रदेश में कुल 100 से अधिक विश्वविद्यालय हैं जिनमें केंद्रीय, राज्य और निजी सभी शामिल हैं। BHU, AMU और BBAU यहां के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं। UGC की फर्जी विश्वविद्यालय सूची 2026 में उत्तर प्रदेश के 4 संस्थानों के नाम भी शामिल हैं — इसलिए प्रवेश से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय की मान्यता जरूर जांचें।
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