हैदराबाद। रैन बाजार थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। यह मामला 26 मई को दर्ज अपराध संख्या 96/2026 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को 26 मई की शाम लगभग 6 बजे गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार (arrest) आरोपियों की पहचान मोहम्मद फारूक पाशा (21 वर्ष), निवासी छोटापूल, याकुतपुरा तथा शेख अब्दुल करीम उर्फ अरशद (26 वर्ष), निवासी बंदलागुड़ा, हैदराबाद के रूप में हुई है। दोनों पेशे से रोटी बनाने का कार्य करते हैं। पुलिस ने बताया कि फारूक पाशा ने पारिवारिक विवादों के चलते अपने ही भाई हबीब पाशा उर्फ समीर की हत्या शेख अब्दुल करीम की सहायता से की। मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी का पता कैसे लगाएं?
किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी संबंधित पुलिस थाना, जिला पुलिस कंट्रोल रूम या अदालत के रिकॉर्ड से प्राप्त की जा सकती है। कई राज्यों में पुलिस विभाग ऑनलाइन एफआईआर और गिरफ्तारी संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। परिवार के सदस्य वकील की सहायता लेकर जानकारी हासिल कर सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को अदालत में पेश किया जाता है और उसका रिकॉर्ड दर्ज होता है।
आरोपी कैसे दिखाई देता है?
“आरोपी” वह व्यक्ति कहलाता है जिस पर किसी अपराध का आरोप लगाया गया हो। किसी व्यक्ति का चेहरा या रूप देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वह आरोपी है या नहीं। कानून के अनुसार अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है। आरोपी की पहचान कानूनी प्रक्रिया, जांच और सबूतों के आधार पर की जाती है।
5 मुख्य अपराध कौन से हैं?
भारतीय कानून में कई प्रकार के अपराध शामिल हैं, जिनमें हत्या, चोरी, धोखाधड़ी, लूट और साइबर अपराध प्रमुख माने जाते हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार, हमला, अपहरण और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराध भी गंभीर श्रेणी में आते हैं। अलग-अलग अपराधों के लिए अलग कानूनी धाराएं और सजा निर्धारित की गई हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और न्यायालय कार्रवाई करते हैं।
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