हैदराबाद। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने पुलिस द्वारा गौ रक्षकों और स्वैच्छिक गौ सेवकों के खिलाफ की जा रही कथित कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि बकरीद के मद्देनज़र पुलिस द्वारा गौ रक्षकों और स्वयंसेवकों को परेशान किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिसे भाजपा गंभीरता से निंदनीय मानती है। रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि अट्टापुर (Attapur) में हुई घटना के बाद पुलिस, एमआईएम के दबाव में काम करते हुए गौ रक्षकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जिससे एक विशेष वर्ग की भावनाएं आहत हो रही हैं।
गौरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया
उन्होंने कहा कि भारत में सभी धर्मों को अपने-अपने धार्मिक कार्य करने की स्वतंत्रता है, लेकिन साथ ही सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गौ माता हिंदू समाज की आस्था, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ी हुई है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गौ रक्षकों और स्वयंसेवकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि सरकार और पुलिस निष्पक्षता से काम करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकते हुए सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि गौ रक्षकों के खिलाफ कथित झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाएं तथा सभी के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार किया जाए, ताकि राज्य में शांति और सौहार्द बना रहे। रामचंदर राव ने कहा कि भाजपा गौ रक्षकों, गौ सेवकों और हिंदू भावनाओं की रक्षा के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी।
गौ माता हिंदू समाज की आस्था
उन्होंने कहा कि गौ माता हिंदू समाज की आस्था, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि गौ रक्षकों और स्वयंसेवकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि सरकार और पुलिस निष्पक्षता से काम करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकते हुए सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि गौ रक्षकों के खिलाफ कथित झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाएं तथा सभी के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार किया जाए, ताकि राज्य में शांति और सौहार्द बना रहे। रामचंदर राव ने कहा कि भाजपा गौ रक्षकों, गौ सेवकों और हिंदू भावनाओं की रक्षा के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी।
निकल धातु का उपयोग कैसे करें?
चांदी जैसी चमक वाली यह धातु मुख्य रूप से स्टेनलेस स्टील, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सिक्के बनाने में उपयोग की जाती है। इसका प्रयोग धातुओं पर कोटिंग करने के लिए भी किया जाता है, जिससे जंग कम लगती है और मजबूती बढ़ती है। उद्योगों में इसका उपयोग मशीनरी और रासायनिक उपकरण तैयार करने में होता है। बिजली और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। सुरक्षित उपयोग के लिए इसे विशेषज्ञों की निगरानी में ही प्रोसेस किया जाता है।
निकिल क्या होता है?
रासायनिक तत्वों में शामिल यह धातु अंग्रेजी में “Nickel” कहलाती है। इसका रंग हल्का चांदी जैसा होता है और यह मजबूत तथा जंगरोधी गुणों के लिए जानी जाती है। इसका उपयोग स्टील निर्माण, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कई औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। आवर्त सारणी में इसका रासायनिक प्रतीक “Ni” है। आधुनिक उद्योगों और तकनीकी उपकरणों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। पृथ्वी की सतह और कुछ खनिजों में यह प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
1 किलो निकल की कीमत क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग और धातु विनिमय दरों के अनुसार इसकी कीमत बदलती रहती है। वर्ष 2026 में भारतीय बाजार में निकल की औसत कीमत लगभग 1,500 से 1,900 रुपये प्रति किलो के बीच देखी जा रही है। शुद्धता, गुणवत्ता और थोक या खुदरा खरीद के आधार पर दर में अंतर हो सकता है। बैटरी और स्टेनलेस स्टील उद्योग में मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है। सटीक दर जानने के लिए धातु बाजार या अधिकृत विक्रेता से जानकारी लेना बेहतर माना जाता है।
निखिल किस भगवान का नाम है?
संस्कृत मूल का यह नाम “संपूर्ण” या “सब कुछ” अर्थ में प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में इसे भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण से जोड़कर देखा जाता है, क्योंकि वे संपूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता माने जाते हैं। कई लोग इस नाम को आध्यात्मिक और शुभ मानते हैं। भारत में यह नाम लड़कों के लिए काफी लोकप्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह नाम ज्ञान, पूर्णता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
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