Telangana : जांच की निगरानी करेंगे डीसीपी कुक्टपल्ली – पुलिस आयुक्त

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पुलिस आयुक्त
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हैदराबाद। साइबराबाद (Cyberabad) के पुलिस आयुक्त एम रमेश ने बताया कि साइबराबाद आयुक्तालय के अंतर्गत थाना पेटबशीराबाद में 8 मई को पीड़िता बालिका की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। यह मामला आरोपी बंडी साई भागीरथ उर्फ भागीरथ के विरुद्ध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान जांच अधिकारी (IO) द्वारा पीड़िता तथा अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता के बयान के आधार पर प्रकरण में धाराओं का संशोधन करते हुए धारा 64(2)(एम) बीएनएस तथा धारा 5(1) सहपठित धारा 6 पॉक्सो अधिनियम जोड़ी गई। जांच की निगरानी हेतु डीसीपी कुक्टपल्ली रितिराज को निर्देशित किया गया। पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष बीएनएसएस की धारा 183 के तहत दर्ज कराया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन

उन्होंने दावा किया कि आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन कर करीमनगर, दिल्ली एवं अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। साथ ही आरोपी के परिचितों के ठिकानों पर भी जांच की गई तथा उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया। विश्वसनीय सूचना के आधार 16 मई को नर्सिंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत मणचिरेवुला स्थित टेक पार्क के पास साइबराबाद एसओटी टीम द्वारा नाकाबंदी कर आरोपी को रात 8:15 बजे गिरफ्तार किया गया और उसे थाना पेटबशीराबाद लाया गया। थाने में आरोपी को गवाहों की उपस्थिति में पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। इसके पश्चात उसे गिरफ्तार कर चिकित्सीय परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

साइबराबाद को हिंदी में क्या कहते हैं?

आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े इस क्षेत्र को हिंदी में सामान्य रूप से “साइबराबाद” ही कहा जाता है। यह नाम “साइबर” और “हैदराबाद” शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। तेलंगाना में आईटी कंपनियों और तकनीकी संस्थानों के तेजी से विकास के कारण यह नाम काफी लोकप्रिय हुआ। सरकारी दस्तावेजों, मीडिया रिपोर्टों और आम बोलचाल में भी इसी नाम का उपयोग किया जाता है। यह क्षेत्र देश के प्रमुख आईटी और व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है।

हैदराबाद को साइबराबाद क्यों कहा जाता है?

सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी उद्योग के तेजी से विकास के कारण शहर को यह पहचान मिली। हाईटेक सिटी, गाचीबौली और फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट जैसे क्षेत्रों में बड़ी टेक कंपनियों और बहुराष्ट्रीय संस्थानों की मौजूदगी ने इसे तकनीकी केंद्र बना दिया। यहां हजारों आईटी पेशेवर काम करते हैं और कई स्टार्टअप भी संचालित होते हैं। डिजिटल कारोबार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण लोग इसे साइबराबाद के नाम से पुकारने लगे। तकनीकी प्रगति ने इस शहर को भारत के प्रमुख आईटी हब में शामिल कर दिया है।

भारत में साइबर अपराध का मुख्यालय कहाँ है?

देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियां काम करती हैं, जिनमें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र प्रमुख माना जाता है। इसका संचालन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन नई दिल्ली से किया जाता है। यह संस्था ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग और डिजिटल अपराधों की निगरानी तथा जांच एजेंसियों के समन्वय का कार्य करती है। अलग-अलग राज्यों में भी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और विशेष इकाइयां बनाई गई हैं। बढ़ते डिजिटल उपयोग के कारण साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व दिया जा रहा है।

साइबराबाद का नया सीपी कौन है?

तेलंगाना सरकार द्वारा किए गए पुलिस विभाग के पुनर्गठन के बाद आईपीएस अधिकारी एम. रमेश को साइबराबाद पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने शहर के आईटी और औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था संभाली है। इससे पहले वे पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय में कानून व्यवस्था, साइबर अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। हाल के प्रशासनिक बदलावों के बाद उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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