पुलिस सेवा कई चुनौतियों से भरी – मोहंती
हैदराबाद। तेलंगाना के तीन पुलिस आयुक्तालयों के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों (Officers and employees) को विदाई दी गई। मल्काजिगिरी पुलिस कमिश्नरेट में कार्यरत सेवानिवृत्त सात पुलिस अधिकारियों को मल्काजिगिरी पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में सम्मानित किया गया। सम्मानित अधिकारियों में के. करुणाकर रेड्डी, सब-इंस्पेक्टर, घटकेसर पीएस, आर्म्ड हेड क्वार्टर में तैनात पी. सत्यनारायण चारी, रिजर्व सब-इंस्पेक्टर एन. जयराम, असिस्टेंट रिजर्व सब-इंस्पेक्टर वाई. साईबाबा, असिस्टेंट रिजर्व सब-इंस्पेक्टर ए. मूर्तुजा, असिस्टेंट रिजर्व सब-इंस्पेक्टर के. पद्मा राव, होम गार्ड ऑफिसर बी. बालनरसम्म, होम गार्ड ऑफिसर शामिल है। मल्काजगिरी (Malkajgiri) के सीपी अविनाश मोहंती ने कहा कि पुलिस सेवा कई चुनौतियों से भरी होती है।
अनुशासन और क्षमता के साथ प्रदान की उत्कृष्ट सेवा
उन्होंने यह भी कहा कि इन अधिकारियों ने अपनी सेवाकाल में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए अनुशासन और क्षमता के साथ उत्कृष्ट सेवा प्रदान की। इसी तरह हैदराबाद पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में कार्यरत रहे सेवानिवृत्त 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने सम्मानित किया। सेवा समाप्ति पर अधिकारियों को उनके निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए कमिश्नर द्वारा सरकारी वाहन व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कार्यक्रम में डीसीपी (एडमिन), सोसाइटी एक्स-ऑफिशियो प्रेसिडेंट के. वेंकट लक्ष्मी, पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सोसाइटी सचिव नल्ला शंकर रेड्डी, ट्रेज़र जी.एम.एस. विक्टर, निदेशक के. रत्नकुमारी, ए.एस.डी. शांति, एम. केशव, डी. लक्ष्मण कुमार, पी. विनीत, बी. अप्पल सूरी और को-ऑप्टेड सदस्य के. जनार्दन रेड्डी एवं के. श्रीशैलम उपस्थित रहे।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट ऑडिटोरियम में आज आयोजित समारोह में को साइबराबाद सीपी डॉ. एम. रमेश द्वारा सेवानिवृत्त पांच पुलिस अधिकारियों एसआई के. यादय्या, एसआई डी. चंद्रशेखर ,आरएसआई एच. बालकिशन, एआरएसआई पी. विष्णुवर्धन रेड्डी, एआरएचसी पी. धर्मराव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनके परिवारजन और सहकर्मी उपस्थित रहे।

पुलिस आयुक्तालय क्या है?
बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बनाई गई विशेष पुलिस व्यवस्था को पुलिस आयुक्तालय कहा जाता है। इसमें प्रशासनिक और मजिस्ट्रेटी शक्तियां सीधे पुलिस के पास होती हैं, जिससे फैसले जल्दी लिए जा सकें। इस व्यवस्था का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो शहर में सुरक्षा, ट्रैफिक और अपराध नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी संभालता है।
पुलिस आयुक्त के अंतर्गत क्या आता है?
इस व्यवस्था के तहत कई विभाग काम करते हैं, जैसे कानून-व्यवस्था शाखा, ट्रैफिक पुलिस, अपराध शाखा, साइबर सेल और विशेष इकाइयां। पुलिस आयुक्त के अधीन डीसीपी, एसीपी और थानों के प्रभारी अधिकारी काम करते हैं। ये सभी मिलकर शहर की सुरक्षा, अपराध जांच, ट्रैफिक नियंत्रण और जनता की सहायता से जुड़े कार्यों को संचालित करते हैं।
अगर कोई पुलिस वाला मुझे बिना वजह थप्पड़ मार दे तो मुझे क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में शांत रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है। आप तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या उच्च अधिकारियों जैसे एसपी/डीसीपी से संपर्क कर सकते हैं। यदि कार्रवाई नहीं होती, तो अदालत में भी शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने का भी विकल्प होता है, जहां मामले की जांच कर कार्रवाई की जा सकती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :