टीजीएसआरटीसी का हरित कदम
हैदराबाद। पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) ने प्रदूषण कम करने और हैदराबाद में सतत सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए अपने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अभियान का विस्तार किया है। ग्रीन रणनीति के तहत, टीजीएसआरटीसी ने पुरानी डीज़ल बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने के लिए रेट्रोफिटमेंट कार्यक्रम शुरू किया है। सितंबर 2025 में जारी टेंडरों के बाद, निगम ने 200 बसों के रेट्रोफिट कार्य के लिए ठेका दिया है। निगम का लक्ष्य है कि 2027 तक हैदराबाद की ओआरआर सीमा के भीतर लगभग 2,800 इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएँ, जिससे निजी वाहनों से सार्वजनिक परिवहन की ओर संक्रमण के साथ प्रदूषण में महत्वपूर्ण कमी की उम्मीद है।
हृदय‑संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं में भी आएगी कमी
अधिकारी यह भी मानते हैं कि इससे श्वसन और हृदय‑संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं में भी कमी आएगी। वर्तमान में छह डिपो में 325 इलेक्ट्रिक बसें सेवा में हैं और इस साल 175 और बसें बेड़े में जुड़ने वाली हैं। चार्जिंग अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें 19 अतिरिक्त डिपो में सुविधाएँ स्थापित करने की योजना है। आगे 10 नए डिपो और 10 चार्जिंग सेंटर का निर्माण लगभग 392 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जाएगा। विशेष रूप से, 2023 में मुशीराबाद डिपो की एक डीज़ल बस को सफलतापूर्वक इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित किया गया था, जो वर्तमान में उप्पल डिपो क्षेत्रों में सेवा प्रदान कर रही है। टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक वाई. नागी रेड्डी ने जनता से पर्यावरण‑हितैषी परिवहन की ओर परिवर्तन का समर्थन करने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण क्या है?
प्राकृतिक संसाधनों जैसे वायु, जल, भूमि, वन और जीव-जंतुओं की रक्षा व संतुलित उपयोग को पर्यावरण संरक्षण कहा जाता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना, जैव विविधता बचाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखना है। बढ़ती औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण प्रकृति पर दबाव बढ़ा है, इसलिए संरक्षण के प्रयास जरूरी हो गए हैं। यह व्यक्तिगत, सामाजिक और सरकारी स्तर पर मिलकर किया जाने वाला सतत प्रयास है।
पर्यावरण संरक्षण के जनक कौन थे?
विश्व स्तर पर आधुनिक पर्यावरण आंदोलन के प्रमुख प्रेरक के रूप में रेचल कार्सन को माना जाता है, जिनकी पुस्तक Silent Spring ने पर्यावरण जागरूकता को नई दिशा दी। भारत में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सुंदरलाल बहुगुणा का नाम विशेष रूप से लिया जाता है, जिन्होंने चिपको आंदोलन के माध्यम से जंगलों की रक्षा का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए?
प्रदूषण कम करना, प्लास्टिक का उपयोग घटाना और वृक्षारोपण बढ़ाना महत्वपूर्ण कदम हैं। जल और बिजली की बचत, कचरे का सही निपटान तथा पुनर्चक्रण अपनाना आवश्यक है। उद्योगों को पर्यावरण मानकों का पालन करना चाहिए। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने से भी प्रकृति की रक्षा की जा सकती है। जागरूकता फैलाना और कानूनों का पालन करना भी अत्यंत जरूरी है।
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