रेल परिसर में मादक पदार्थों के सेवन पर सख़्ती से रोक लगाने के निर्देश
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) संजय कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को ज़ोन में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। यह बैठक रेल निलयम, सिकंदराबाद में आयोजित की गई। बैठक में दक्षिण मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक सत्य प्रकाश तथा सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। जबकि सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, गुंतकल और नांदेड़ समेत छहों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। महाप्रबंधक ने ज़ोन भर में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संरचित एवं चरणबद्ध कार्ययोजना अपनाने पर ज़ोर दिया।

पटरियों के समीप पड़े निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश
उन्होंने विशेष रूप से प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग्स की नियमित सुरक्षा जांच, सुरक्षा अभियानों के आयोजन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पटरियों के समीप पड़े निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में धूम्रपान एवं मादक पदार्थों के सेवन पर सख़्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा रेलवे सुरक्षा बल और ऑन-बोर्ड स्टाफ को यात्रियों की सुरक्षा एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए।
अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव एवं नियमित निरीक्षण की समीक्षा
संजय कुमार श्रीवास्तव ने रेलवे परिसरों में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव एवं नियमित निरीक्षण की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्टेशनों, माल गोदामों तथा गैर-इंटरलॉक्ड समपार फाटकों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। महाप्रबंधक ने ज़ोन के विभिन्न क्षेत्रों में पशु कटाव (कैटल रन-ओवर) की घटनाओं को रोकने के लिए चल रहे ट्रैक फेंसिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित मंडलों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
प्रशासनिक रूप से दक्षिण मध्य रेलवे भारतीय रेल का एक प्रमुख ज़ोन है, जो देश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों की रेल सेवाओं का संचालन करता है। यह ज़ोन मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों को कवर करता है। यात्री और माल परिवहन दोनों में इसकी अहम भूमिका है और यह रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
भौगोलिक जानकारी के अनुसार दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है। यही से पूरे ज़ोन की प्रशासनिक, तकनीकी और परिचालन गतिविधियों का संचालन किया जाता है। मुख्यालय में वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, ज़ोनल मैनेजर और विभिन्न विभागों के कार्यालय होते हैं, जो ट्रेनों की समय-सारणी, सुरक्षा और विकास कार्यों की निगरानी करते हैं।
रेलवे की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
वेतन के रूप में रेलवे कर्मचारियों की सैलरी पद के अनुसार अलग-अलग होती है। ग्रुप-D कर्मचारियों को लगभग ₹25,000–₹30,000 प्रतिमाह मिलते हैं। क्लर्क और टेक्नीशियन की सैलरी ₹30,000–₹45,000, जबकि स्टेशन मास्टर और इंजीनियर जैसे पदों पर ₹50,000 से ₹70,000 या अधिक वेतन मिलता है। भत्ते इसमें अतिरिक्त होते हैं।
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