हैदराबाद । उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि तेलंगाना राज्य में रोहित वेमुला अधिनियम (Act) को यथाशीघ्र लागू किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने शनिवार को प्रजा भवन (Praja Bhavan) में जस्टिस फॉर रोहित वेमुला कैंपेन कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की।
समिति के सदस्यों ने कई मांगें रखीं
भट्टी विक्रमार्क याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर राज्य में रोहित वेमुला अधिनियम लागू करने का आग्रह किया था। उन्होंने समिति को बताया कि जन सरकार मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से चर्चा के बाद रोहित वेमुला अधिनियम लाने की दिशा में काम करेगी। अभियान समिति के सदस्यों ने उपमुख्यमंत्री को कर्नाटक में समिति द्वारा तैयार किए गए रोहित वेमुला अधिनियम के मसौदे की एक प्रति सौंपी। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने कई मांगें रखीं।
कर्नाटक की तर्ज अधिनियम लागू किया जाए
उन्होंने रोहित वेमुला मामले में पारदर्शी जांच और रोहित के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि रोहित वेमुला की मृत्यु के बाद विश्वविद्यालय में जिन 50 छात्रों और दो शिक्षकों के खिलाफ गैर-जमानती मामले दर्ज किए गए थे, उन्हें राहत दी जाए। समिति ने आगे आग्रह किया कि कर्नाटक की तर्ज पर तेलंगाना में भी रोहित वेमुला अधिनियम लागू किया जाए।
रोहित वेमुला केस क्या है?
यह केस एक सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़ा मामला है। रोहित वेमुला हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (University of Hyderabad) का छात्र था। उसने अल्पसंख्यक और दलित छात्रों के खिलाफ भेदभाव और सामाजिक अन्याय का सामना किया।
- जनवरी 2016 में रोहित वेमुला ने कथित रूप से सामाजिक भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या कर ली।
- इस घटना ने पूरे देश में जाति आधारित भेदभाव और छात्र अधिकारों पर चर्चा शुरू कर दी।
- इस केस के बाद सरकार और विश्वविद्यालयों में दलित और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए सुरक्षा और समर्थन के उपायों पर जोर दिया गया।
रोहित का धर्म क्या है?
वह दलित (Dalit) हिंदू समाज से संबंधित थे। उनके जाति और सामाजिक पृष्ठभूमि के कारण उन्हें विश्वविद्यालय में भेदभाव का सामना करना पड़ा।
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