हैदराबाद । मोगिलीगिद्द सरकारी उच्च विद्यालय (Government High School) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री (Minister) पोन्नम प्रभाकर ने भाग लिया और विद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि 150 वर्षों का सफर तय करना किसी भी शैक्षणिक संस्था के लिए गर्व की बात है, क्योंकि यह दो पीढ़ियों से अधिक का साक्षी रहा है।
यही शिक्षा ली थी हैदराबाद के पहले मुख्यमंत्री डॉ. चेन्ना रेड्डी ने
उप मुख्यंत्री विक्रर्माका मल्लू भट्टी की मौजूदगी में मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हैदराबाद के पहले मुख्यमंत्री डॉ. चेन्ना रेड्डी जैसे महान व्यक्तित्वों ने इसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वीर योद्धा तुरेबाज़ खान ने इसी क्षेत्र से अंग्रेजों और निज़ाम शासन के खिलाफ संघर्ष किया था और उसी कालखंड में मोगिलीगिद्द सरकारी उच्च विद्यालय, की स्थापना हुई थी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर पंडित नेहरू की दूरदृष्टि का परिणाम
पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर पंडित जवाहरलाल नेहरू की दूरदृष्टि का परिणाम हैं। नेहरू के पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से कृषि और औद्योगिक क्रांति, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों की स्थापना तथा बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं का निर्माण हुआ।उन्होंने विद्यालय की स्थापना में योगदान देने वाले सभी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही चिंता जताई कि आज प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण कर शिक्षक बनने वाले स्थानीय विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकारी विद्यालयों को फिर से उनका पूर्व गौरव प्राप्त होगा।

परिवारों को ऊँचाई तक ले जाती है शिक्षा
मंत्री ने कहा कि पहले सरकार गरीबों को जमीन और धन बांटती थी, लेकिन आज सरकार सबसे बड़ी पूंजी शिक्षा के रूप में दे सकती है। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि न तो जाति और न ही धन, बल्कि शिक्षा ही परिवारों को ऊँचाई तक ले जाती है। अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर जीवन में उच्च शिखरों तक पहुँचें और समाज के विकास में योगदान दें।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :