हैदराबाद । दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि अंबेडकर के सिद्धांत आज भी देश की प्रगति के मार्गदर्शक है। वे डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर रेल निलयम ऑडिटोरियम (Rail Nilayam Auditorium) सिकंदराबाद स्थित मुख्यालय में आयोजित समारोह में बोल रहे थे । इस अवसर पर महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव (Sanjay Kumar Srivastava) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अपर महाप्रबंधक सत्य प्रकाश एवं प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी सिद्धार्थ काटी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण रहा
कार्यक्रम में विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, एससी-एसटी एवं ओबीसी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने भाग लेकर डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्थायी विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधारभूत संरचना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण रहा।
निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत
उन्होंने दामोदर घाटी परियोजना तथा 1943 की समग्र नदी विकास नीति में अंबेडकर की भूमिका को याद करते हुए बताया कि इस नीति में बहु-मोडल परिवहन, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और विद्युत उत्पादन का समावेश किया गया था। उन्होंने कहा कि आंबेडकर के समावेशिता, ईमानदारी और दूरदर्शी विकास के सिद्धांत आज भी देश की प्रगति के मार्गदर्शक हैं, विशेषकर परिवहन और रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने में। इस अवसर पर कार्मिक विभाग, दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा आयोजित ”भारत में सामाजिक न्याय के शिल्पकार” विषयक निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को महाप्रबंधक ने पुरस्कृत किया। इससे पूर्व एससी-एसटी, ओबीसी संगठनों तथा ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने भी डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान, उपलब्धियों और विरासत पर प्रकाश डाला।
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