हैदराबाद । तेलंगाना कृषि (Telangana Agriculture) एवं किसान कल्याण आयोग के तत्वावधान में कृषि विपणन से जुड़ी समस्याओं पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हैदराबाद स्थित बुर्गुला रामकृष्ण राव भवन (BRKR Bhavan ) में सफलतापूर्वक किया गया। आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न प्रमुख कृषि बाजारों का दौरा कर किसानों को विपणन व्यवस्था में आने वाली अनेक चुनौतियों की पहचान की गई। किसानों की आय, स्थिरता और आजीविका में सुधार के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।
बिचौलियों पर निर्भरता कम करने पर विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में कृषि बाजार अवसंरचना के विकास, बाजार पहुंच के विस्तार, डिजिटल साधनों को बढ़ावा देने तथा बिचौलियों पर निर्भरता कम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एम. कोदंडा रेड्डी ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य एम. रामुलु नायक (पूर्व एमएलसी), एम. सुनील कुमार, राम रेड्डी गोपाल रेड्डी, के.वी. नरसिंहा रेड्डी तथा मरिकंटी भवानी रेड्डी उपस्थित रहे। आयोग के सलाहकारों में नीति विशेषज्ञ डी. नरसिंहा रेड्डी, डॉ. जीवी रामांजनयुलु (कार्यकारी निदेशक एवं सलाहकार, सीएसए), श्रीनिवास रेड्डी (सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक) तथा विष्णुवर्धन रेड्डी (सेवानिवृत्त डीन एवं सलाहकार, पीजेटीएयू) शामिल रहे।
कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी एवं विपणन विभागों के अधिकारी, विभिन्न कृषि बाजार समितियों (एएमसी) के अध्यक्ष एवं सचिव, किसान संगठनों के प्रतिनिधि, कमीशन एजेंट, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, आईटीडीए अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि तथा राज्यभर से आए किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रमुख प्रतिभागियों में विपणन निदेशक लक्ष्मीबाई, कृषि उपनिदेशक पुष्पाराणी, उद्यानिकी उपनिदेशक राजकुमार, सीपीएम के उपाध्यक्ष सारामपल्ली मल्लारेड्डी तथा तेलंगाना किसान संगठन (सीपीआई)की पाश्य पद्मा शामिल रहे।
किसानों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई
आयोग के अधिकारियों में सदस्य सचिव गोपाल, कृषि सहायक निदेशक के. संध्या रानी तथा अध्यक्ष के ओएसडी बी. हरी वेंकट प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ”तेलंगाना कृषि उत्पाद एवं पशुसंवर्धन बाजार अधिनियम, 1966” तथा इसके संशोधन, किसान बाजारों की वर्तमान स्थिति, नई बाजार संरचनाओं की स्थापना, कमीशन एजेंटों की जिम्मेदारियों तथा किसानों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने बताया कि कार्यशाला में प्राप्त सुझावों और सिफारिशों के आधार पर एक समग्र रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि किसानों के हित में पारदर्शी और लाभकारी विपणन व्यवस्था विकसित की जा सके।
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