हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के महाप्रबंधक (GM) संजय कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को रेल निलयम, सिकंदराबाद में ट्रेन संचालन की सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अतिरिक्त महाप्रबंधक सत्य प्रकाश और सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे, जबकि सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, गुंतकल और नांदेड़ मंडलों के डीआरएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। संजय कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों को संरचित और चरणबद्ध निरीक्षण, विशेषकर रात के निरीक्षण बढ़ाने तथा ट्रेन संचालन और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लेवल क्रॉसिंग, विद्युत आपूर्ति प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा सुनिश्चित करने को अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने सुरक्षा उपकरणों और रेल फिटिंग्स के नियमित रखरखाव पर भी बल दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि सुरक्षा ढांचा केवल तत्काल संचालन जरूरतों को ही नहीं बल्कि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
भारतीय रेलवे के प्रमुख 18 जोनों में शामिल यह रेल जोन वर्ष 1966 में स्थापित किया गया था। इसका संचालन मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में होता है। यात्री और माल परिवहन दोनों क्षेत्रों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कई बड़े रेलवे स्टेशन और महत्वपूर्ण रेल मार्ग इसी जोन के अंतर्गत आते हैं। दक्षिण भारत को देश के अन्य भागों से जोड़ने में इसका बड़ा योगदान है। आधुनिक तकनीक और बेहतर रेल सेवाओं के कारण यह भारतीय रेलवे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
इस रेलवे जोन का मुख्यालय Secunderabad में स्थित है। यहां से पूरे जोन के प्रशासनिक और परिचालन कार्य संचालित किए जाते हैं। यह शहर दक्षिण भारत के प्रमुख रेलवे केंद्रों में गिना जाता है। कई महत्वपूर्ण ट्रेनों और रेल मार्गों का नियंत्रण इसी मुख्यालय से किया जाता है। यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और माल परिवहन व्यवस्था की निगरानी भी यहीं से होती है। आधुनिक संचार और तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से रेल सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे में कितने मंडल हैं?
वर्तमान समय में इस रेलवे जोन के अंतर्गत कुल 6 मंडल कार्यरत हैं। इनमें सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, नांदेड़ और गुंटकल मंडल शामिल हैं। प्रत्येक मंडल अपने क्षेत्र की रेल सेवाओं, स्टेशनों और ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी संभालता है। यात्री सुविधाओं और माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए इन मंडलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। बड़े रेल नेटवर्क के कारण यह जोन दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण रेलवे क्षेत्रों में गिना जाता है और प्रतिदिन लाखों यात्री इसकी सेवाओं का उपयोग करते हैं।
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