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POCSO : महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील जांच आवश्यक – पुलिस आयुक्त

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 17, 2026 • 12:42 PM
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हैदराबाद। मलकाजगिरी कमिश्नरेट (Malkajgiri Commissionerate) में 15 और 16 मई को पुलिस आयुक्त कार्यालय में पोक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों की जांच में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों के ज्ञान और जांच कौशल को और अधिक सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में पाक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों, बाल-अनुकूल जांच प्रक्रिया, पीड़ितों के बयान दर्ज करने की विधि, कानूनी प्रक्रिया, अभियोजन से जुड़े पहलुओं तथा विभिन्न सहायता एजेंसियों के साथ समन्वय पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। मलकाजगिरी कमिश्नरेट की पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) बी. सुमति (आईपीएस) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पेशेवर एवं संवेदनशील जांच अत्यंत आवश्यक है।

पास्को एक्ट पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

उन्होंने कहा कि पीड़िता का बयान दर्ज करने की गुणवत्ता जांच को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी बताया कि बेगमपेट और मेडिपल्ली में दो नए भरोसा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। साथ ही उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों के कारण महिलाओं से जुड़े अपराधों में दोषसिद्धि दर 4.75 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हुई है तथा लंबित मामलों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के दूसरे दिन चिकित्सकीय परीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्य, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा अंतर-एजेंसी समन्वय पर सत्र आयोजित किए गए। ओस्मानिया मेडिकल कॉलेज की फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा ने पोक्सो एक्ट के प्रावधानों, फॉरेंसिक जांच प्रक्रिया, पीड़िता मुआवजा एवं केस स्टडीज पर विस्तार से जानकारी दी।

वहीं, ममता रघुवीर ने महिला एवं बाल सुरक्षा, ट्रॉमा प्रबंधन तथा पीड़ितों के सहयोग पर विशेष सत्र लिया। कार्यक्रम में अनुभव साझा करने, प्रश्नोत्तर एवं फीडबैक सत्र भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर डीसीपी वुमेन सेफ्टी टी. उषा रानी, अतिरिक्त एसपी वी एंड ई डॉ. पी. अशोक, एसीपी शी टीम्स पी. वेंकटेश्वरलु, एसीपी सीसीआरबी जे. रमेश कुमार, लीगल एडवाइजर कृष्ण मोहन तथा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर चंद्रशेखर उपस्थित रहे।

मलकाजगिरी किस लिए प्रसिद्ध है?

Malkajgiri हैदराबाद महानगर क्षेत्र के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र अच्छी सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। आईटी हब के नजदीक होने के कारण यहां तेजी से शहरी विकास हुआ है। आवासीय कॉलोनियां, बाजार, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं इसे महत्वपूर्ण उपनगरों में शामिल करती हैं। हैदराबाद शहर से जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र रहने और व्यापार दोनों के लिए लोकप्रिय माना जाता है।

मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर कौन है?

Rachakonda Police Commissionerate के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां पुलिस आयुक्त संभालते हैं। समय-समय पर अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले होते रहते हैं, इसलिए वर्तमान पदाधिकारी की जानकारी आधिकारिक पुलिस विभाग द्वारा जारी की जाती है। कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना इस पद की प्रमुख जिम्मेदारी मानी जाती है।

तेलंगाना के 4 आयुक्तालय क्या हैं?

राज्य में कई प्रमुख पुलिस आयुक्तालय कार्य करते हैं, जिनमें Hyderabad City Police, Cyberabad Police, Rachakonda Police Commissionerate और वारंगल पुलिस आयुक्तालय प्रमुख माने जाते हैं। इन आयुक्तालयों का उद्देश्य बड़े शहरी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाना होता है। प्रत्येक आयुक्तालय अपने क्षेत्र में पुलिस प्रशासन और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालता है।

भारत में पुलिस आयुक्तालय प्रणाली क्या है?

यह शहरी पुलिस प्रशासन की एक व्यवस्था है, जिसमें बड़े शहरों में पुलिस आयुक्त को विशेष प्रशासनिक और कानूनी अधिकार दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य तेजी से निर्णय लेना और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाना होता है। महानगरों और बड़े शहरी क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए यह प्रणाली महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस आयुक्त के पास कई ऐसे अधिकार होते हैं जो सामान्य जिलों में जिला प्रशासन के पास रहते हैं।

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