सिद्धारमैया ने सीएम नायडू को लिखा पत्र
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष चंद्रबाबू नायडू से चित्तूर जिले में कर्नाटक से ‘तोतापुरी’ आमों के प्रवेश पर प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया है। 11 जून को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी पूर्व परामर्श या समन्वय के की गई ऐसी एकतरफा कार्रवाई सहकारी संघवाद की भावना के विपरीत है। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि इस कदम से परिहार्य तनाव और जवाबी कार्रवाई हो सकती है, तथा वस्तुओं की अंतर-राज्यीय आवाजाही बाधित हो सकती है। कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने 10 जून को आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष के. विजयानंद को पत्र लिखकर प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया था।
प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे कोलार जिले के प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्र श्रीनिवासपुरा में किसानों ने आम के लिए समर्थन मूल्य और पड़ोसी राज्य द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया और तालुका स्तर पर बंद का आयोजन किया। सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैं 7 जून को चित्तूर के जिला कलेक्टर द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए एक आदेश पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं, जिसमें अन्य राज्यों से जिले में तोतापुरी आमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। मुझे पता चला है कि इस निर्देश को लागू करने के लिए तमिलनाडु और कर्नाटक से सटे अंतर-राज्यीय चेक-पोस्टों पर राजस्व, पुलिस, वन और विपणन विभागों के अधिकारियों वाली बहु-विषयक प्रवर्तन टीमों को तैनात किया गया है।’
हजारों किसानों की आजीविका पर पड़ेगा सीधा असर
कर्नाटक में आम उत्पादकों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में तोतापुरी आम की खेती करने वाले उत्पादकों को होने वाली भारी कठिनाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये किसान अपने उत्पाद बेचने के लिए लंबे समय से चित्तूर स्थित प्रसंस्करण और लुगदी निष्कर्षण इकाइयों के साथ मजबूत संबंधों पर निर्भर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘मौजूदा प्रतिबंध ने इस अच्छी तरह से स्थापित आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर दिया है और फसल कटाई के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान का खतरा पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर हजारों किसानों की आजीविका पर पड़ेगा। मुझे इस बात की भी चिंता है कि इससे अनावश्यक तनाव और जवाबी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि हितधारक पहले से ही असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, जिससे सब्जियों और अन्य कृषि वस्तुओं की अंतर-राज्यीय आवाजाही बाधित हो सकती है।’
नायडू के हस्तक्षेप की मांग करते हुए सीएम सिद्धारमैया की अपील
मामले में नायडू के हस्तक्षेप की मांग करते हुए, सीएम ने उनसे चित्तूर जिले के अधिकारियों को उक्त आदेश को तत्काल रद्द करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि आप इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे और किसान कल्याण के हित में कृषि उपज की निर्बाध आवाजाही को बहाल करने के लिए त्वरित कदम उठाएंगे।’
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