हैदराबाद। सिंगरेणी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (सरकारी संस्था) में राज्य सरकार (state government) के निर्देश पर स्थापित बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम सफलतापूर्वक परिणाम दे रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से दिन के समय उत्पादित सौर ऊर्जा में से स्थानीय उपयोग के बाद बची बिजली को ग्रिड में मुफ्त देने के बजाय बैटरी में संग्रहीत किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग कर आर्थिक लाभ (Economic Benefit) प्राप्त किया जा रहा है। मंदमरी क्षेत्र स्थित 28 मेगावाट क्षमता वाले सौर संयंत्र के साथ चार महीने पहले 1 मेगावाट क्षमता का बीईएसएस सिस्टम स्थापित किया गया था। इसके लिए कंपनी ने लगभग 2.5 करोड़ रुपये का निवेश किया। जनवरी से अब तक इस प्रणाली के माध्यम से 3,35,485 यूनिट अतिरिक्त बिजली संग्रहित कर उपयोग में ली गई, जिससे सिंगरेणी को लगभग 25.66 लाख रुपये की बचत हुई है।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम सफल
सिंगरेणी कंपनी पहले से ही 8 स्थानों पर कुल 245.5 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र संचालित कर रही है। इनमें से 147 मेगावाट के संयंत्र ओपन एक्सेस मॉडल पर और 98.5 मेगावाट के संयंत्र इन-हाउस रूप में तेलंगाना विद्युत ग्रिड से जुड़े हुए हैं। इन इन-हाउस संयंत्रों में स्थानीय उपयोग के बाद बची बिजली का कोई भुगतान डिस्कॉम द्वारा नहीं किया जाता और इसे मुफ्त में ग्रिड को देना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर यह बीईएसएस परियोजना शुरू की गई, जो अब सफल साबित हो रही है। सिंगरेनी प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में ऐसे और प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे।
सौर ऊर्जा का भंडारण कैसे किया जाता है?
सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को आमतौर पर बैटरियों और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में सुरक्षित रखा जाता है। दिन में बने अतिरिक्त बिजली उत्पादन को बैटरी में स्टोर करके रात या कम धूप के समय उपयोग किया जाता है। लिथियम-आयन और अन्य आधुनिक बैटरियां इस काम में अधिक उपयोग होती हैं। बड़े सोलर प्लांट में ग्रिड आधारित भंडारण तकनीक भी अपनाई जाती है। ऊर्जा संरक्षण और लगातार बिजली आपूर्ति के लिए भंडारण प्रणाली महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत में कौन सा सोलर शेयर सबसे अच्छा है?
शेयर बाजार में सोलर क्षेत्र से जुड़ी कई कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें टाटा पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी और वेयरई एनर्जीज जैसी कंपनियां चर्चा में रहती हैं। किसी भी शेयर को “सबसे अच्छा” कहना निवेश लक्ष्य, जोखिम और बाजार स्थिति पर निर्भर करता है। निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, परियोजनाएं और बाजार प्रदर्शन का अध्ययन करना जरूरी माना जाता है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहता है।
सोलर प्लांट लगाने पर 30000 रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी?
केंद्र और कई राज्य सरकारें घरेलू सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी प्रदान करती हैं। कुछ योजनाओं में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि या राज्य स्तरीय सहायता भी दी जा सकती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं के तहत पात्र उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सब्सिडी की राशि क्षमता, राज्य और योजना के नियमों के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश और पात्रता की जांच करना आवश्यक माना जाता है।
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