तिरुपति। तिरुमला में पापा विनासनम मार्ग स्थित विशाल कल्याण वेदिका में पंडित संघ (पुजारी संघ) के माध्यम से तिरुपति तिरुमला देवस्थानम (TTD) द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। ये सेवाएँ निर्धारित नाममात्र शुल्क पर प्रदान की जा रही हैं। शास्त्रों के अनुसार आयोजित होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में विवाह, उपनयन, सत्यनारायण व्रतम, नामकरण, अन्नप्राशन, अक्षराभ्यास, वाहन पूजा और अन्य अनुष्ठान शामिल हैं।

टीटीडी ने भक्तों की सुविधा के लिए इन सेवाओं को उचित शुल्क पर उपलब्ध कराया है। पंडित संघ के माध्यम से कल्याण वेदिका में उपलब्ध सेवाओं विवाह, उपनयन, सत्यनारायण व्रतम, केसखंडन, नामकरण (Naming), अन्नप्राशन, अक्षराभ्यास, वाहन पूजा कान छेदन , दशत्र पूजा , अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल है। टीटीडी ने कहा है भक्तों से अनुरोध है कि वे इन सेवाओं का लाभ लें। अधिक जानकारी के लिए पंडित संघ से कल्याण वेदिका, तिरुमला में संपर्क किया जा सकता है।
तिरुपति से तिरुमला कितनी दूर है?
भौगोलिक रूप से तिरुपति से तिरुमला की दूरी लगभग 22 किलोमीटर है। यह रास्ता पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है और सड़क मार्ग से तय किया जाता है। श्रद्धालु बस, टैक्सी या निजी वाहन से यात्रा करते हैं। कई भक्त आस्था के कारण पैदल मार्ग से भी तिरुमला तक जाते हैं, जिसे पूरा करने में 4 से 6 घंटे लगते हैं।
तिरुपति बालाजी मंदिर कब जाना चाहिए?
धार्मिक अनुभव के लिए तिरुपति बालाजी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय सितंबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और यात्रा आरामदायक होती है। ब्रह्मोत्सव, वैकुंठ एकादशी और रथ सप्तमी जैसे पर्वों पर विशेष महत्व होता है, हालांकि इन दिनों भीड़ काफी ज्यादा रहती है, इसलिए पहले से योजना बनाना उचित रहता है।
तिरुमला तिरुपती देवस्थानम क्या है?
प्रशासनिक रूप से तिरुमला तिरुपती देवस्थानम, जिसे टीटीडी कहा जाता है, भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करने वाला धार्मिक ट्रस्ट है। यह संस्था मंदिर की पूजा, दर्शन व्यवस्था, दान प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं का संचालन करती है। टीटीडी भारत के सबसे समृद्ध और संगठित धार्मिक संस्थानों में से एक माना जाता है।
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