हैदराबाद। आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त (State Election Commissioner), नीलम साहनी, ने आज राज्य चुनाव आयोग कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने टीजीएसईसी कार्यालय, मसाब टैक, हैदराबाद से वेबकास्टिंग के माध्यम से नगर निगम चुनावों की मतगणना के रुझानों के बारे में जानकारी ली । तेलंगाना राज्य चुनाव आयुक्त, आई. रानी कुमुदिनी ने वेबकास्टिंग (Webcasting) के जरिए नगर निगम चुनावों के मतदान और मतगणना प्रक्रिया के लिए किए गए विस्तृत इंतजामों की जानकारी दी। कार्यक्रम में डीजी पुलिस महेश भागवत , कमिश्नर जीएचएमसी आरबी कर्णन , रेरा अध्यक्ष डॉ. एन. सत्यनारायण आईएएस (सेवानिवृत्त), टीजीएसईसी सचिव लिंग्या नायक और टीजीएसईसी (एसईसीयूआरई) सचिव मंदा मकारांडु भी उपस्थित थे।

आयुक्त किसे कहते हैं?
सरकारी प्रशासन में किसी विभाग, क्षेत्र या विशेष जिम्मेदारी का प्रमुख अधिकारी आयुक्त कहलाता है। यह पद आमतौर पर बड़े शहरों, राजस्व क्षेत्रों या विशेष विभागों में होता है। आयुक्त के पास प्रशासनिक निर्णय लेने, अधीनस्थ अधिकारियों की निगरानी करने और नीतियों को लागू कराने की जिम्मेदारी होती है। अलग-अलग विभागों में जैसे नगर निगम, राजस्व, पुलिस या कर विभाग में अलग-अलग प्रकार के आयुक्त नियुक्त किए जाते हैं।
भारत में आयुक्त कौन है?
देश में एक ही आयुक्त नहीं होता, बल्कि विभिन्न विभागों और राज्यों में अलग-अलग आयुक्त नियुक्त होते हैं। उदाहरण के लिए, नगर निगम में नगर आयुक्त, पुलिस विभाग में पुलिस आयुक्त और राजस्व विभाग में मंडल आयुक्त होते हैं। प्रत्येक आयुक्त अपने निर्धारित क्षेत्र या विभाग का प्रशासनिक प्रमुख होता है और संबंधित सरकार के अधीन कार्य करता है।
पुलिस आयुक्त को हिंदी में क्या कहते हैं?
इस पद का हिंदी रूपांतरण “पुलिस आयुक्त” ही है। कुछ संदर्भों में इसे “पुलिस आयुक्त महोदय” या “नगर पुलिस प्रमुख” भी कहा जाता है। यह अधिकारी महानगर या बड़े शहर की पुलिस व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी होता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा प्रबंधन तथा अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाता है।
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