दो दिवसीय अखिल भारतीय संगोष्ठी का आयोजन
हैदराबाद। तेलंगाना विधान परिषद के सभापति गुत्ता सुखेंदर रेड्डी (Gutta Sukhender Reddy) ने देश के त्वरित विकास के लिए सुदृढ़ अवसंरचना की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की जानी चाहिए कि वे लंबे समय तक जनता की सेवा कर सकें तथा सार्वजनिक धन का उपयोग जिम्मेदारी और विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), तेलंगाना स्टेट सेंटर, रिहैब टेक्नोलॉजीज़ (Rehab Technologies) के सहयोग से 2 और 3 फरवरी को खैरताबाद स्थित विश्वेश्वरैया भवन में ‘स्ट्रक्चर्स रिपेयर एंड रेट्रोफिटिंग’ विषय पर दो दिवसीय अखिल भारतीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। गुत्ता सुखेंदर रेड्डी ने इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने महंगे खर्च पर निर्मित पुलों, नहरों तथा अन्य कंक्रीट संरचनाओं के समय से पहले क्षरण पर चिंता व्यक्त की।
मरम्मत और रेट्रोफिटिंग के क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण
उन्होंने इसे वर्तमान में निर्माण उद्योग के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में मरम्मत और रेट्रोफिटिंग के क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”किसी संरचना के क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत पर भारी मात्रा में सार्वजनिक धन व्यय करना पड़ता है, जिससे न केवल वित्तीय संसाधनों पर बोझ पड़ता है बल्कि नई परियोजनाओं की शुरुआत में भी विलंब होता है, इसलिए प्रारंभ से ही उचित डिज़ाइन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा समयबद्ध मरम्मत और रेट्रोफिटिंग उपायों को अपनाना अनिवार्य है।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी
मरम्मत और रेट्रोफिटिंग को केवल समस्या उत्पन्न होने के बाद किए जाने वाले सुधारात्मक कदम नहीं माना जाना चाहिए; बल्कि समय पर और उचित निर्णयों के माध्यम से भवनों, पुलों और नहरों की आयु को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण उद्देश्यों की भी पूर्ति होगी।” इन बिंदुओं के आलोक में, गुत्ता सुखेंदर रेड्डी ने इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और सरकारी विभागों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण पद्धतियों, सक्रिय रखरखाव और आधुनिक रेट्रोफिटिंग तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाने की वकालत की।
तेलंगाना विधानसभा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
तेलंगाना विधानसभा परिषद (विधान परिषद) के वर्तमान अध्यक्ष गुता सुखेंद्र रेड्डी हैं। वे परिषद के सभापति के रूप में सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं। अध्यक्ष का मुख्य दायित्व परिषद की बैठकों को नियमों के अनुसार चलाना, अनुशासन बनाए रखना और विधायी कार्यों को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराना होता है।
विधान परिषद का सभापति कौन होता है?
विधान परिषद का सभापति वह वरिष्ठ सदस्य होता है जिसे परिषद के सदस्य स्वयं चुनते हैं। सभापति सदन की बैठकों की अध्यक्षता करता है, चर्चा को नियंत्रित करता है और नियमों के पालन को सुनिश्चित करता है। वह विधान परिषद का सर्वोच्च अधिकारी होता है और उसकी भूमिका सदन की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने में अहम मानी जाती है।
तेलंगाना परिषद के अध्यक्ष कौन हैं?
वर्तमान समय में तेलंगाना विधान परिषद के अध्यक्ष गुता सुखेंद्र रेड्डी हैं। वे राज्य के ऊपरी सदन के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और परिषद के विधायी कार्य, चर्चा तथा प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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