हैदराबाद। श्रम और खनन मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी (G. Vivek Venkataswamy) ने चेतावनी दी है कि चेननूर विधानसभा क्षेत्र में अगर किसी ने भी हिंसा भड़काने का प्रयास किया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान उन्होंने क्यातनपल्ली नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के अवसर पर चेननूर कैंप ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। मंत्री ने बल्का सुमन के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि उनका रवैया अब भी नहीं बदला है, इसलिए जनता ने उन्हें पहले भी सबक सिखाया था। उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा व्यवहार जारी रहा, तो जनता फिर से उसी प्रकार प्रतिक्रिया (feedback) देगी। मंत्री ने याद दिलाया कि जनता ने उन्हें पिछले चुनावों में अनुचित टिप्पणियों के कारण खारिज कर दिया था।
कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, और क्यतनपल्ली नगरपालिका के शांतिपूर्ण और सुचारू चुनाव इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत से ही पूर्ण सहयोग दिया, जबकि बीआरएस नेताओं ने राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया और उनके काफिले पर हमला भी किया। मंत्री ने कहा कि बीआरएस शासन के दौरान सर्वसम्मति चुनाव और मतदान रोकने के लिए धमकियों का इतिहास रहा है। इसके विपरीत, वर्तमान चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए आयोजित किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस धमकियों या दंगा राजनीति में शामिल नहीं होती और न ही इसे समर्थन देती है, क्योंकि ऐसे कृत्य लोकतंत्र को कमजोर करते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि क्यतनपल्ली नगरपालिका और चेननूर क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा और नए निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई दी।
हिंसा शब्द का अर्थ क्या है?
आमतौर पर इस शब्द का मतलब किसी को शारीरिक या मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाना होता है। इसमें मारपीट, चोट पहुंचाना, डराना-धमकाना या किसी को कष्ट देना शामिल होता है। यह व्यवहार समाज में नकारात्मक माना जाता है और कानूनन भी दंडनीय हो सकता है। इसका विपरीत “अहिंसा” है, जिसका अर्थ होता है किसी को भी हानि न पहुंचाना।
हिंसा से आप क्या समझते हैं?
सरल भाषा में इसे ऐसे व्यवहार के रूप में समझा जाता है, जिसमें किसी व्यक्ति, समूह या जीव को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जाता है। यह नुकसान शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक हो सकता है। गाली देना, धमकी देना, मारपीट करना या किसी को डराना—all इसमें शामिल होते हैं। यह समाज में अशांति और भय पैदा करता है, इसलिए इसे रोकना जरूरी माना जाता है।
हिंसा के 3 प्रकार कौन से हैं?
मुख्य रूप से इसे तीन प्रकारों में बांटा जाता है। पहला शारीरिक हिंसा, जिसमें मारपीट या चोट पहुंचाना शामिल है। दूसरा मानसिक (मनोवैज्ञानिक) हिंसा, जिसमें गाली, अपमान या डराना शामिल होता है। तीसरा सामाजिक या आर्थिक हिंसा, जिसमें किसी को अधिकारों से वंचित करना या आर्थिक रूप से दबाव डालना शामिल होता है। ये सभी रूप व्यक्ति और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
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