हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने राज्य की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाओं (Irrigation Projects) में से एक जे. चोक्का राव देवदुला लिफ्ट इरिगेशन स्कीम के लिए 31 दिसंबर 2027 की समय-सीमा तय कर दी है। सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने स्पष्ट किया कि परियोजना (Projects) में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। मंत्री ने शनिवार को परियोजना की प्रगति की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिया कि कार्यों को युद्ध स्तर पर तेज किया जाए ताकि निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूरी हो सके। करीब 18,400 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राज्य की प्रमुख सिंचाई योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य 10 जिलों में 5.57 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने परियोजना की प्रगति की व्यापक समीक्षा की
समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूमि अधिग्रहण, लंबित मामलों, निर्माण कार्यों की धीमी गति, वितरण प्रणाली, ठेकेदारों की देरी, वित्तीय स्थिति और अन्य बाधाओं पर विस्तृत चर्चा की और सभी विभागों को समन्वय के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि देवदुला लिफ्ट इरिगेशन स्कीम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं में से एक है, जिसके तहत गोदावरी नदी से 38.16 टीएमसी पानी उठाकर उत्तरी और पूर्वी तेलंगाना के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना को तीन चरणों में 16 पैकेजों के तहत पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 1.23 लाख एकड़, दूसरे चरण में 1.93 लाख एकड़ और तीसरे चरण में 2.39 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि परियोजना के पूरा होने से न केवल लाखों एकड़ भूमि सिंचित होगी, बल्कि राज्य के कई सूखाग्रस्त गांवों में पेयजल आपूर्ति में भी बड़ा सुधार आएगा।
परियोजना का क्या अर्थ है?
किसी विशेष उद्देश्य को पूरा करने के लिए बनाई गई योजनाबद्ध कार्य प्रक्रिया को परियोजना कहा जाता है। इसमें समय, संसाधन, बजट और कार्यों की स्पष्ट रूपरेखा तय की जाती है। सड़क निर्माण, सिंचाई, शिक्षा, उद्योग और तकनीकी विकास जैसे कई क्षेत्रों में परियोजनाएं चलाई जाती हैं। किसी कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए योजना बनाना और चरणबद्ध तरीके से उसे लागू करना इसका मुख्य उद्देश्य माना जाता है। विकास और प्रबंधन में परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
परियोजना अधिकारी की सैलरी कितनी होती है?
वेतन विभाग, अनुभव, योग्यता और कार्यक्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सरकारी और निजी संस्थानों में परियोजना अधिकारी का वेतनमान अलग निर्धारित किया जाता है। शुरुआती स्तर पर आय कम हो सकती है, जबकि अनुभव बढ़ने पर वेतन और सुविधाओं में वृद्धि होती है। कई पदों पर यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। विकास योजनाओं, सामाजिक परियोजनाओं और तकनीकी क्षेत्रों में इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
भारत की सबसे बड़ी परियोजना कौन सी है?
देश में कई विशाल परियोजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन आकार और प्रभाव के आधार पर अलग-अलग परियोजनाओं को बड़ा माना जाता है। Kaleshwaram Lift Irrigation Project को दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके अलावा नदी, रेल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाएं भी देश के विकास में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ऐसी परियोजनाओं का उद्देश्य सिंचाई, बिजली, परिवहन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना होता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :