जीएम ने ‘माह का कर्मचारी’ सुरक्षा पुरस्कार वितरित किया
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने ट्रेन संचालन में सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सोमवार को रेल निलयम, सिकंदराबाद में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। इस अवसर पर संजय कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ने ‘माह का कर्मचारी’ सुरक्षा पुरस्कार दस कर्मचारियों को उनके समर्पण और असुरक्षित परिस्थितियों को रोकने में सतर्कता के लिए प्रदान किए। सत्य प्रकाश, अतिरिक्त महाप्रबंधक (GM) और सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष बैठक में उपस्थित रहे। सेकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुतंकल, गुनटूर और नांदेड़ डिवीजनों के डिविजनल रेलवे मैनेजर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
महाप्रबंधक ने उनके समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की
पुरस्कार फ्रंटलाइन स्टाफ को प्रदान किए गए, जिनमें ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्स मैन, तकनीशियन, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर और लोको पायलट शामिल हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्य में सतर्कता, समयपालन, परिपूर्णता और समर्पण का प्रदर्शन किया। डिवीजनवार पुरस्कार पाने वालों में सिकंदराबाद डिवीजन 1, विजयवाड़ा डिवीजन 3, नांदेड़ डिवीजन 1 और गुंतकल डिवीजन 5 है। पुरस्कारियों को बधाई देते हुए महाप्रबंधक ने उनके समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की और कहा कि ऐसी मान्यता अन्य कर्मचारियों को प्रेरित करेगी और उन्हें ट्रेन संचालन में सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए सतर्क रहने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से करें पालन
बैठक के दौरान श्री श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें और शॉर्टकट से बचें। उन्होंने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को नियमित सुरक्षा अभियान चलाने, कर्मचारियों की सतर्कता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। कार्यस्थलों और निर्माण स्थलों पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक निरीक्षण भी अनिवार्य किए गए। महाप्रबंधक ने जोर दिया कि सुरक्षा आवश्यकताओं से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी पहलुओं पर संवेदनशील बनाने, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पॉइंट्स और क्रॉसिंग का निरीक्षण करने, और कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक के पास निर्माण सामग्री हटाने का महत्व बताया।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
दक्षिण मध्य रेलवे भारतीय रेलवे का एक प्रमुख ज़ोन है, जिसे आमतौर पर South Central Railway (SCR) कहा जाता है। इसका मुख्यालय सिकंदराबाद में स्थित है और यह मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएं संचालित करता है। यह ज़ोन माल और यात्री परिवहन दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और देश के व्यस्त रेलवे नेटवर्क में शामिल है।
रेलवे में CRS क्या होता है?
रेलवे में CRS का मतलब Commissioner of Railway Safety होता है। यह अधिकारी रेल मंत्रालय के बजाय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और रेलवे की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करता है। नए रेल मार्ग, पुल या ट्रेन संचालन शुरू करने से पहले CRS निरीक्षण करता है और अनुमति देता है। किसी भी दुर्घटना की जांच भी इसी के द्वारा की जाती है।
दक्षिण मध्य रेलवे में कितने मंडल हैं?
दक्षिण मध्य रेलवे में कुल 6 मंडल (डिवीजन) होते हैं। इनमें सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, गुंतकल और नांदेड़ मंडल शामिल हैं। ये सभी मंडल अपने-अपने क्षेत्रों में रेल संचालन, रखरखाव और यात्री सेवाओं की जिम्मेदारी संभालते हैं। इस ज़ोन का नेटवर्क दक्षिण भारत में महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
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