ट्रांसजेंडर पुलिस कर्मियों को यूनिफॉर्म किट वितरित
हैदराबाद। राधिका चैरिटेबल ट्रस्ट ने ”शक्ति–2026” नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन तेलंगाना इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (TGICCC), बंजारा हिल्स, हैदराबाद में किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सशक्तिकरण, जागरूकता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर ट्रांसजेंडर पुलिस कर्मियों को 40 यूनिफॉर्म किट वितरित किए गए, जिसे समानता और सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय (Transgender Community) की भागीदारी को समाज में उनकी पहचान और सेवा के अधिकार की मान्यता के रूप में प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि वी.सी. सज्जनार ने कहा कि ट्रांसजेंडर कर्मियों द्वारा ट्रैफिक ड्यूटी का सफलतापूर्वक निर्वहन सराहनीय है और भविष्य में उनकी भर्ती को और बढ़ाने की योजना है।
यह कार्यक्रम केवल यूनिफॉर्म वितरण नहीं
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से ये कर्मी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, जो प्रेरणादायक है। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस के. पद्मनाभैया और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) डी. जोएल डेविस भी उपस्थित रहे। संस्थापक राधिका रेड्डी तंगुतुरु ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल यूनिफॉर्म वितरण नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और समान अवसर देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज में बदलाव और स्वीकार्यता का संदेश देती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न संगठनों की उपस्थिति ने समावेशी विकास और सामाजिक समानता के प्रति संस्थागत समर्थन को और मजबूत किया। ”शक्ति–2026” को समाज में विविधता और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
ट्रांसजेंडर का क्या अर्थ है?
ट्रांसजेंडर ऐसे व्यक्तियों को कहा जाता है जिनकी जन्म के समय तय की गई लिंग पहचान और उनकी वास्तविक लिंग पहचान एक जैसी नहीं होती। उदाहरण के लिए जन्म से पुरुष लेकिन स्वयं को महिला महसूस करना या इसके विपरीत। यह एक प्राकृतिक लैंगिक पहचान से जुड़ा विषय है, न कि कोई बीमारी। समाज में इन्हें सम्मान और समान अधिकार देने पर जोर दिया जाता है।
किन्नर और ट्रांसजेंडर में क्या अंतर होता है?
किन्नर शब्द भारत में पारंपरिक और सामाजिक रूप से उपयोग किया जाता है, जो हिजड़ा समुदाय से जुड़ा होता है। ट्रांसजेंडर एक व्यापक और आधुनिक वैज्ञानिक शब्द है, जिसमें वे सभी लोग शामिल होते हैं जिनकी लैंगिक पहचान जन्म के लिंग से अलग होती है। सभी किन्नर ट्रांसजेंडर हो सकते हैं, लेकिन सभी ट्रांसजेंडर किन्नर नहीं होते। दोनों की सामाजिक और कानूनी पहचान अलग-अलग संदर्भों में समझी जाती है।
ट्रांसजेंडर किसे कहते हैं?
ऐसे व्यक्ति जिन्हें जन्म के समय मिले लिंग से अलग अपनी पहचान महसूस होती है, उन्हें ट्रांसजेंडर कहा जाता है। ये लोग अपनी आंतरिक पहचान के अनुसार जीवन जीना पसंद करते हैं। यह एक प्राकृतिक विविधता है जो मानव समाज में पाई जाती है। कई देशों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कानूनी मान्यता और समान अधिकार दिए गए हैं ताकि वे गरिमा के साथ जीवन जी सकें।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :