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Politics : महिला आरक्षण विधेयक को सभी दलों का समर्थन जरूरी- बंड़ी संजय

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: April 13, 2026 • 4:37 PM
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हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री बंड़ी संजय (Bandi Sanjay) ने कहा है कि महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने वाले सभी राजनीतिक दलों को संसद में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी दल इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें महिलाएं उचित जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि विधायी निकायों (Legislative Bodies) में महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देना दशकों पुराना सपना रहा है और महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान एक ऐतिहासिक कदम है। बंदी संजय ने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की।

आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक

उन्होंने कहा, ‘महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक है। संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या में वृद्धि होगी और इसके परिणामस्वरूप तेलंगाना विधानसभा में लगभग 60 महिलाओं को अवसर मिलने की संभावना है।’ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जो विधायी निकायों में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने से संबंधित है, को इस माह 16 से 18 तारीख तक आयोजित संसद के विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार इस विधेयक को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

महिला आरक्षण क्या होता है?

सरकारी और राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं के लिए सीटों का एक निश्चित हिस्सा सुरक्षित करने की व्यवस्था को महिला आरक्षण कहा जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना है। पंचायतों और नगर निकायों में पहले से ही आरक्षण लागू है। हाल के वर्षों में संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

महिलाओं को 33% आरक्षण कब मिला था?

स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण वर्ष 1992–93 में लागू हुआ, जब 73वां संविधान संशोधन और 74वां संविधान संशोधन पारित किए गए। इन संशोधनों के माध्यम से पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गईं। इससे ग्रामीण और शहरी स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा बदलाव आया और उन्हें नेतृत्व के अवसर मिलने लगे।

लोकसभा में महिला आरक्षण क्या है?

संसद के निचले सदन लोकसभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव महिला आरक्षण के रूप में जाना जाता है। 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। यह लागू होने के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत करेगा।

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