हैदराबाद । तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा असहमति व्यक्त करने की स्वतंत्रता का सम्मान करती है और मतभेद रखने वाले नेताओं को प्रताड़ित नहीं करती। विकाराबाद जिले (Vikarabad District) के अनंतगिरि में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के जिला कांग्रेस कमेटी (DCC ) अध्यक्षों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आंतरिक कलह लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होगी।
पीसीसी प्रमुख के रूप में आंतरिक विरोध का सामना करना पड़ा : रेवंत
रेवंत रेड्डी ने पार्टी की त्याग परंपरा का उल्लेख करते हुए मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के योगदान को याद किया। उन्होंने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों यात्रा’ और वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की ऐतिहासिक पदयात्रा का उल्लेख करते हुए जमीनी नेतृत्व का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पीसीसी प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल में उन्हें आंतरिक विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन संवाद के जरिए उन्होंने नेताओं को एकजुट किया, जिससे पार्टी के वोट शेयर में वृद्धि हुई। योग्य डीसीसी अध्यक्षों को विधायक टिकट, अन्य को एमएलसी पद और लगभग 60 नेताओं को निगम अध्यक्ष बनाया गया।

डीसीसी पद बहुत महत्वपूर्ण है, इसका दुरुपयोग न करें : सीएम
उन्होंने कहा, ‘अवसर योग्यता के आधार पर मिलेंगे। डीसीसी पद बहुत महत्वपूर्ण है, इसका दुरुपयोग न करें।’ मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाई. एस. शर्मिला की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद जमीनी स्तर से काम करना चुना और पार्टी को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। कार्यक्रम में तेलंगाना पीसीसी प्रमुख महेश कुमार गौड़, एपीसीसी अध्यक्ष शर्मिला और दोनों राज्यों के लगभग 70 डीसीसी अध्यक्ष शामिल हुए।
रेवंत रेड्डी कहाँ के मुख्यमंत्री हैं?
अनुमुला रेवंत रेड्डी (जन्म 8 नवंबर 1969) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो तेलंगाना के दूसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे नगर प्रशासन और शहरी विकास, सामान्य प्रशासन, कानून और व्यवस्था मंत्री भी हैं।
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