हैदराबाद। बीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वकुलाभरणम कृष्णमोहन राव (Dr. Vakulabharanam Krishnamohan Rao) ने कहा कि साई ईश्वरचारी की मौत की जिम्मेदार तेलंगाना सरकार है। बीसी वर्गों को दिए गए वादों को पूरा न करने की कीमत एक निर्दोष युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। शुक्रवार को विद्यानगर बीसी भवन (Vidyanagar BC Bhavan) में आयोजित प्रेस सम्मेलन में उन्होंने यह आरोप लगाया। उनके साथ राष्ट्रीय बीसी कल्याण संघ के महासचिव डॉ. र्यागा ऋषि अरुण कुमार भी उपस्थित थे। डॉ. कृष्णमोहन राव ने कहा कि बीसी समुदाय के प्रति की जा रही उपेक्षा और वादाख़िलाफ़ी ने साई ईश्वरचारी को आत्महत्या के रास्ते पर धकेला।
यह तानाशाही शासन का प्रमाण
उन्होंने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार बनने के बाद गरीब एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों और युवाओं की मौतों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह तानाशाही शासन का प्रमाण है। जो सरकार अपने वादे निभाने में विफल हो, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है, उन्होंने कहा। उन्होंने माँग की कि स्थानीय चुनावों को तुरंत स्थगित किया जाए और बीसी वर्गों को 42% आरक्षण के साथ ही चुनाव कराये जाएँ। डॉ. र्यागा ऋषि अरुण कुमार ने कहा और कितने बीसी युवा अपने अधिकारों के लिए जान देंगे? सरकार द्वारा किए गए वादों को लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है, जिसे वह भूल चुकी है। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर ख़तरा है, उन्होंने चेतावनी दी।
अधिकार प्राप्त होने तक नहीं होगा विश्राम
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकार प्राप्त होने तक विश्राम नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही राहुल गांधी का सामाजिक न्याय एजेंडा है? बीसी अधिकारों की प्राप्ति के लिए दिल्ली को मुख्य संघर्ष-स्थल बनाकर आंदोलन तेज़ करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुज्जा सत्यम्, नीला वेंकटेश, सी. राजेन्द्र, सतीश, राजू नाथ, अनुषा गौड़, जी. पद्मा आदि उपस्थित रहे।
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