तेलंगाना राइजिंग दस्तावेज़ में 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
हैदराबाद। तेलंगाना राइजिंग 2047 (Telangana Rising 2047) विज़न डॉक्यूमेंट के अनावरण से पहले राज्य सरकार (State government) ने स्पष्ट किया है कि वह तेलंगाना को जापान, चीन, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के समकक्ष निवेश हब के रूप में विकसित करेगी। यह दस्तावेज़ 8 और 9 दिसंबर को होने वाले वैश्विक शिखर सम्मेलन में लॉन्च किया जाएगा, जिसमें राज्य की दीर्घकालिक विकास रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
ग्रीनफील्ड हाईवे और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बताया कि सरकार ने केंद्र को हैदराबाद को अमरावती, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड राजमार्गों के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन मार्ग के निर्माण के लिए भी केंद्र को राज़ी कर लिया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम बंदरगाह तक ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने का प्रस्ताव दिया गया है ताकि तेलंगाना को समुद्र तक सुगम पहुँच मिल सके। रेड्डी ने यह भी बताया कि सरकार वारंगल में राज्य का दूसरा हवाई अड्डा स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
तीन आर्थिक क्षेत्रों पर आधारित विकास मॉडल
रेवंत रेड्डी ने कहा कि विज़न दस्तावेज़ में राज्य को तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों—कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (CURE), पेरी अर्बन रीजन इकोनॉमी (PURE) और रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकोनॉमी (RARE)—में विभाजित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य शहरी, ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के संतुलित विकास को सुनिश्चित करना है। सरकार का लक्ष्य 2034 तक राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
विदेशी निवेश और रोजगार सृजन पर जोर
वैश्विक शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के निवेशक भाग लेंगे, जहाँ राज्य अपनी निवेश क्षमता का प्रदर्शन करेगा। विज़न दस्तावेज़ में 2 लाख तेलंगाना युवाओं और 1 लाख अन्य को विदेशी रोजगार के लिए तैयार करने की योजना भी शामिल है, ताकि वे वैश्विक कार्यबल में प्रतिस्पर्धा कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब पड़ोसी राज्यों से नहीं, बल्कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करेगा। सरकार अपनी दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दो सप्ताह तक उत्सव मनाएगी। इस दौरान फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी 13 दिसंबर को हैदराबाद आएँगे और उप्पल स्टेडियम में एक दोस्ताना मैच खेलेंगे।
बुलेट ट्रेन कहाँ से कहाँ चलती हैं?
बुलेट ट्रेन मुख्य रूप से जापान में टोक्यो से ओसाका, नागोया, फुकुओका जैसी प्रमुख शहरों के बीच चलती हैं। चीन, फ्रांस और स्पेन में भी हाई-स्पीड ट्रेनें बड़े शहरों को जोड़ती हैं। ये ट्रेनें लंबी दूरी को बहुत कम समय में तय करती हैं और आधुनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन मानी जाती हैं।
भारत में बुलेट ट्रेन कब बनेगी?
यह ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बन रही है। काम तेजी से चल रहा है और उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार इसका पहला चरण 2026-27 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह देश की पहली हाई-स्पीड ट्रेन होगी, जो परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी।
बुलेट ट्रेन की खासियत क्या है?
इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्यधिक गति है, जो 300–350 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है। यह सुरक्षित, आरामदायक और समय की बचत वाली यात्रा प्रदान करती है। अत्याधुनिक तकनीक, एरोडायनामिक डिजाइन, सटीक समय पालन और ऊर्जा-कुशल संचालन इसे आधुनिक रेलवे प्रणालियों में सबसे उन्नत बनाते हैं।
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