हैदराबाद। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) ने प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कुकटपल्ली डिपो के लिए 60 नई विद्युत बसों को सेवा में शामिल किया। राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने बुधवार को हरी झंडी दिखाकर इन बसों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि हैदराबाद को वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्या से बचाने और भविष्य में दिल्ली जैसी स्थिति उत्पन्न न होने देने के उद्देश्य से पर्यावरण अनुकूल विद्युत बसों को बड़े पैमाने पर शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल हैदराबाद शहर में 540 विद्युत बसें संचालित हो रही हैं, जबकि पूरे राज्य में लगभग 1050 विद्युत बसें यात्रियों को सेवाएँ दे रही हैं।
मंत्री पोन्नम ने हरी झंडी दिखाकर बसों का किया शुभारंभ
मंत्री ने कहा कि जल्द ही आरटीसी कर्मचारी संगठनों के लिए मान्यता चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद निर्वाचित संगठनों के साथ मिलकर आरटीसी विलय प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण आयोग की सिफारिशों को लागू करने तथा उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए प्रत्येक दूसरे मंगलवार को विशेष समय निर्धारित किया जाएगा। प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने कहा कि विद्युत बसों के विस्तार के तहत प्रमुख डिपो और बस स्टैंडों पर अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इन बसों के माध्यम से ध्वनि और वायु प्रदूषण रहित यात्रा के साथ यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर उपलब्ध कराया जाएगा।
संस्था को लाभ के मार्ग पर आगे बढ़ाना निगम का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराते हुए संस्था को लाभ के मार्ग पर आगे बढ़ाना है। नई विद्युत बसें यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक सिद्ध होंगी तथा पर्यावरण संरक्षण में आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है। कार्यक्रम के बाद मंत्री , प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी, विधायक माधवरम कृष्णाराव, विधान परिषद सदस्य नवीन कुमार, कम्मा कॉरपोरेशन के अध्यक्ष बंडी रमेश तथा मेडक जिला कलेक्टर मनु चौधरी ने नई विद्युत बसों में यात्रा की। कार्यक्रम में कुकटपल्ली विधायक माधवरम कृष्णाराव, विधान परिषद सदस्य नवीन कुमार, कम्मा कॉरपोरेशन के अध्यक्ष बंडी रमेश, मेदक जिला कलेक्टर मनु चौधरी, आरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी सीएच वेंकन्ना, राजशेखर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
तेलंगाना में आरटीसी की हड़ताल क्यों हुई?
राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों ने वेतन, नौकरी सुरक्षा, सुविधाओं और अन्य मांगों को लेकर कई बार हड़ताल की थी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, सरकारी कर्मचारियों जैसा दर्जा और सेवा शर्तों में सुधार शामिल रहे हैं। हड़ताल के दौरान बस सेवाएं प्रभावित हुई थीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश की गई।
तेलंगाना राज्य के बारे में क्या जानकारी चाहिए?
भारत का 29वां राज्य है, जिसका गठन 2 जून 2014 को हुआ था। इसकी राजधानी हैदराबाद है। यह राज्य आईटी उद्योग, ऐतिहासिक स्थलों, सिंचाई परियोजनाओं और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। यहां तेलुगु मुख्य भाषा है, जबकि उर्दू को भी आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं।
तेलंगाना में परिवहन व्यवस्था क्या है?
सड़क, रेल और हवाई परिवहन की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध है। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम राज्यभर में बस सेवाएं संचालित करता है। हैदराबाद में मेट्रो रेल, एमएमटीएस और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी मौजूद है। राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे नेटवर्क राज्य को अन्य क्षेत्रों से जोड़ते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक उपयोग किया जाता है।
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