हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि राज्य सरकार (state government) इस वर्ष हज यात्रियों द्वारा सामना किए जा रहे अतिरिक्त बोझ को वहन करेगी। शुक्रवार को हज हाउस से हज यात्रियों को ले जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण हवाई ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है और परिणामस्वरूप हवाई यात्रा के किराए में भी वृद्धि हुई है। हज यात्रियों (Hajj pilgrims) पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अतिरिक्त खर्च वहन कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और हिंदू एवं मुसलमान सभी को भाई-भाई माना जाता है।
अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं पर डाला प्रकाश
एसआईआर कार्यक्रम में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद, रेवंत रेड्डी ने चेतावनी दी कि एसआईआर की आड़ में भी मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना राज्य में लोगों से एकजुट होकर इस तरह की मतदाता सूची हटाने की रणनीति को रोकने की अपील की। रेवंत रेड्डी ने पिछले साल सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान हुई उस भयावह बस दुर्घटना को याद किया जिसमें 44 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देकर शोक संतप्त परिवारों की सहायता की थी। रेवंत रेड्डी ने जन सरकार द्वारा शुरू की गई अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि रोजगार के अवसरों और कल्याणकारी योजनाओं दोनों में अल्पसंख्यकों को उनका उचित हिस्सा मिल रहा है।
विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्तियां
उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों को विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जाती हैं। वायु प्रदूषण कम करने के लिए सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद में कई गरीब अल्पसंख्यक ऑटो रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमाते हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने आउटर रिंग रोड के भीतर चलने वाले सभी ऑटो रिक्शा को मुफ्त में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा में बदलने का फैसला किया है। इस पहल से ऑटो चालकों को काफी बचत होगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि व्हाइट-कॉलर नौकरियों की तुलना में ब्लू-कॉलर नौकरियों की मांग अधिक है और अमेरिका की तुलना में जर्मनी और जापान जैसे देशों में रोजगार के अवसर अधिक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार पहले से ही आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) को एटीसी (उन्नत प्रशिक्षण केंद्र) में अपग्रेड कर रही है ताकि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके और वे प्रतिस्पर्धी दुनिया में प्रतिस्पर्धा कर सकें। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वे तेलंगाना को विकास में नंबर एक राज्य बनाने और देश के लिए एक आदर्श बनने के लिए प्रयासरत हैं।
हज में कितना खर्च आता है?
यात्रा का कुल खर्च पैकेज, ठहरने की सुविधा और यात्रा श्रेणी पर निर्भर करता है। भारत से जाने वाले यात्रियों के लिए आमतौर पर हज पर लगभग 3 लाख से 6 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च हो सकता है। इसमें हवाई यात्रा, होटल, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं शामिल होती हैं। अलग-अलग निजी और सरकारी पैकेजों के अनुसार लागत बदल सकती है।
हज में किसकी पूजा होती है?
इस्लाम धर्म में हज के दौरान केवल अल्लाह की इबादत की जाती है। यह यात्रा Mecca में होती है, जहां मुस्लिम श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान पूरा करते हैं। हज का उद्देश्य ईश्वर के प्रति समर्पण, प्रार्थना और आध्यात्मिक शुद्धि माना जाता है।
हज के अंदर क्या है?
हज यात्रा में कई धार्मिक स्थल और अनुष्ठान शामिल होते हैं। श्रद्धालु Kaaba की परिक्रमा करते हैं, सफा-मरवा के बीच चलते हैं और अराफात के मैदान में प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा मीना और मुजदलिफा जैसे स्थान भी हज के महत्वपूर्ण हिस्से माने जाते हैं।
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