तिरुमला। टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी च. वेंकैया चौधरी (Venkaiah Chowdhury) ने 1 फरवरी को आयोजित होने वाले श्री रामकृष्ण तीर्थ मुक्कोटी के प्रबंधों की समीक्षा के लिए पद्मावती गेस्ट हाउस में बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को त्योहार के सुचारु आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शामियाने लगाने, सूचना बोर्ड (information board) स्थापित करने और रेडियो प्रसारण के माध्यम से घोषणाएं करने को कहा। साथ ही टीटीडी सुरक्षा कर्मियों और पुलिस के बीच समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा, अन्नप्रसाद वितरण, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं और वन विभाग के समन्वय की समीक्षा की।

मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद ही आगे जाने की अनुमति
उन्होंने पापविनासनम में अन्नप्रसाद वितरण के लिए श्रीवारी सेवकों की तैनाती के निर्देश दिए। प्रतिबंधों और चिकित्सा व्यवस्थाओं के तहत मोटापा, अस्थमा, हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित श्रद्धालुओं तथा छोटे बच्चों को तीर्थ में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को पापविनासनम में मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। आपात स्थिति के लिए दो एंबुलेंस और चार मेडिकल कैंप तैनात रहेंगे। 1 फरवरी को निजी वाहन और दोपहिया वाहनों को पापविनासनम जाने की अनुमति नहीं होगी। एपीएसआरटीसी द्वारा गोगरभम डैम प्वाइंट से बसें चलाई जाएंगी। श्रद्धालुओं को सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक तीर्थ में प्रवेश की अनुमति होगी। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राम कृष्ण तीर्थ मुक्कोटी क्या है?
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित यह एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष मकर संक्रांति के समय मुक्कोटी उत्सव मनाया जाता है। श्रद्धालु पवित्र स्नान, पूजा और विशेष अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में एकत्र होते हैं।
रामकृष्ण किसका अवतार था?
हिंदू परंपरा में इन्हें भगवान विष्णु के अवतार के रूप में देखा जाता है। राम और कृष्ण दोनों को धर्म, सत्य और करुणा के प्रतीक माना गया है। आध्यात्मिक दृष्टि से इन्हें मानव कल्याण और अधर्म के नाश का माध्यम माना जाता है।
वीरमाचनेनी रामकृष्ण से कैसे संपर्क करें?
सार्वजनिक रूप से संपर्क करने के लिए उनके आधिकारिक कार्यक्रमों, सामाजिक संगठनों या सार्वजनिक मंचों का सहारा लिया जाता है। आमतौर पर ऐसे व्यक्तियों से सीधे निजी संपर्क विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाते, बल्कि आयोजनों या प्रतिनिधियों के माध्यम से संवाद संभव होता है।
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