दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
हैदराबाद। तेलंगाना मीडिया अकादमी (Telangana Media Academy) द्वारा दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर ‘हम आपके साथ हैं’ का भरोसा देना एक सराहनीय पहल है। यह बात तेलंगाना विधान परिषद के सभापति गुत्ता सुखेंदर रेड्डी ने कही। बुधवार को नामपल्ली स्थित तेलंगाना मीडिया अकादमी के ऑडिटोरियम में दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को चेक वितरण तथा अकादमी द्वारा प्रकाशित लघु पुस्तिकाओं (Monographs) के विमोचन कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति गुत्ता सुखेंदर रेड्डी ने सरकार के सलाहकार के. केशव राव के साथ भाग लिया। इस अवसर पर सभापति ने कहा कि अक्षर को हथियार बनाकर जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पत्रकारों की असामयिक मृत्यु अत्यंत दुखद है।
पाँच वर्षों तक पेंशन सुविधा प्रदान करने का लिया निर्णय
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पत्रकार कल्याण निधि से दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ-साथ पाँच वर्षों तक पेंशन सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिससे उनके परिवारों को संबल मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों के जीवन-वृत्त पर आधारित मोनोग्राफ्स का प्रकाशन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। शिक्षा एवं जनसंपर्क मामलों के सरकारी सलाहकार के. केशव राव ने कहा कि किसी महान व्यक्ति के इतिहास को पढ़ना आसान है, लेकिन उसी इतिहास को मोनोग्राफ के रूप में प्रस्तुत करना आसान कार्य नहीं है।
18 दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को चेक वितरित
उन्होंने इस कार्य में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। तेलंगाना मीडिया अकादमी के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि 18 दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए तथा एक दुर्घटनाग्रस्त पत्रकार को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में तेलंगाना मीडिया अकादमी के सचिव नागुलपल्ली वेंकटेश्वर राव, वरिष्ठ पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पत्रकारिता का कोर्स कितने साल का होता है?
आमतौर पर पत्रकारिता का कोर्स अलग-अलग स्तर पर अलग अवधि का होता है। डिप्लोमा कोर्स 1 साल का होता है, स्नातक डिग्री (बीए/बीजेएमसी) 3 साल की होती है और परास्नातक डिग्री (एमए/एमजेएमसी) 2 साल की होती है। इसके अलावा कुछ सर्टिफिकेट कोर्स 6 महीने से 1 साल तक के भी होते हैं।
न्यू मीडिया अकादमी का मालिक कौन है?
वास्तविकता यह है कि न्यू मीडिया अकादमी नाम से देश के अलग-अलग हिस्सों में कई संस्थान चल रहे हैं। कुछ निजी संस्थाओं द्वारा संचालित हैं, जबकि कुछ सरकारी या शैक्षणिक संगठनों से जुड़े होते हैं। इसलिए “न्यू मीडिया अकादमी” का कोई एक सार्वभौमिक मालिक नहीं होता, बल्कि हर अकादमी का स्वामित्व अलग-अलग होता है।
मीडिया के 4 प्रकार कौन से हैं?
सामान्य रूप से मीडिया के चार प्रमुख प्रकार माने जाते हैं—प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया। प्रिंट में अख़बार-पत्रिकाएँ, इलेक्ट्रॉनिक में टीवी-रेडियो, डिजिटल में वेबसाइट-न्यूज़ पोर्टल और सोशल मीडिया में फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होते हैं।
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