कांग्रेस का किसी प्रकार का हमला करने से इंकार
हैदराबाद। पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले गजवेल निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गजवेल विधायक के कैंप ऑफिस (केसीआर कैंप ऑफिस) में हंगामा किया। डीसीसी अध्यक्ष तुमकुंटा आकांक्षा रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य मंत्री ए. रेवंत रेड्डी की तस्वीर लेकर कैंप ऑफिस (Office) में घुसे और उसे वहां स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के अंदर से ‘जय कांग्रेस’ के नारे लगाए।
कैंप ऑफिस पर हमला
इस दौरान कुछ व्यक्तियों ने कैंप ऑफिस पर हमला किया और एमएलए कैंप ऑफिस के फर्नीचर तथा खिड़कियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बीआरएस का आरोप है कि इस हमले के पीछे कांग्रेस कार्यकर्ता ही जिम्मेदार थे और उन्होंने हिंसा का सहारा लिया। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने केवल मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाई थी और किसी प्रकार का हमला नहीं किया। घटना के बाद गजवेल में अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके चलते विधायक के कैंप ऑफिस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य में हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है। 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 85% लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। कुल जनसंख्या में यह संख्या करीब 2.9 से 3 करोड़ के आसपास बैठती है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हिंदू आबादी फैली हुई है। समय के साथ जनसंख्या में वृद्धि हुई है, इसलिए वर्तमान अनुमान इससे अधिक माना जाता है, लेकिन आधिकारिक नवीनतम आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां का खानपान मुख्य रूप से चावल आधारित है। चावल के साथ दाल, सांभर, रसम और सब्जियां आमतौर पर खाई जाती हैं। मसालेदार और तीखा स्वाद इस क्षेत्र की विशेषता है। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, पेसरट्टू और साकिनालू जैसे व्यंजन प्रसिद्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्वार और बाजरे की रोटियां भी खाई जाती हैं। स्थानीय व्यंजनों में परंपरा और स्वाद का अच्छा मेल देखने को मिलता है।
तेलंगाना में सरकार किसकी है?
वर्तमान समय में राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। ए. रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद पदभार संभाला। इससे पहले लंबे समय तक भारत राष्ट्र समिति की सरकार रही थी। नई सरकार ने विभिन्न सामाजिक और विकास योजनाओं पर काम शुरू किया है, जिनमें रोजगार, किसान कल्याण और महिलाओं के लिए योजनाएं शामिल हैं।
तेलंगाना में कितने जिले हैं?
राज्य में कुल 33 जिले हैं। पहले जिलों की संख्या कम थी, लेकिन प्रशासनिक सुविधा और विकास कार्यों को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नए जिले बनाए। 2016 में बड़े स्तर पर पुनर्गठन किया गया, जिसके बाद जिलों की संख्या बढ़कर 31 हुई थी। बाद में दो और जिले जोड़े गए। यह विभाजन शासन को अधिक प्रभावी बनाने और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है।
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